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Sonam Wangchuk Fast: ‘मंत्रियों ने तोड़ा वादा, धोखा मिला’: 26 दिन के अनशन और आधी रात की तस्वीरों पर सोनम वांगचुक का बड़ा खुलासा!

Union Ministers Broke My Trust by Releasing Fast-End Photo : 26 दिनों का कड़ा अनशन, बिगड़ा स्वास्थ्य और आधी रात को अस्पताल के कमरे में हुई सहमति! जानिए कैसे लद्दाख के चर्चित कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और केंद्रीय मंत्रियों के बीच का एक गोपनीय समझौता कुछ ही मिनटों में बड़ा विवाद बन गया।
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Aug 06, 2026
Sonam Wangchuk fast
Sonam Wangchuk fast : अनशन समाप्ति की तस्वीरें सार्वजनिक करने पर वांगचुक का मंत्रियों पर भरोसा तोड़ने का आरोप (फोटो सोर्स : PTI_News)

Sonam Wangchuk 26-Day Hunger Strike: नीट (NEET) परीक्षा धांधली और लीक के खिलाफ 26 दिनों तक लगातार अनशन करने वाले प्रसिद्ध पर्यावरणविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर वादे से मुकरने और उनका भरोसा तोड़ने का सीधा आरोप लगाया है। टीवी साक्षात्कार में वांगचुक ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनके अनशन समाप्त करने की तस्वीरें मीडिया में जारी न करने का साफ वादा किया था, लेकिन इस सहमति को कुछ ही मिनटों में तोड़ दिया गया।

आधी रात की 'डील' या भरोसे का कत्ल?

59 वर्षीय सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके की अगुवाई में नीट मामले को लेकर अपना आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया। 24 जुलाई की आधी रात को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और उन्हें सूप पिलाकर अनशन खत्म करवाया।

साक्षात्कार के दौरान वांगचुक ने बताया कि लद्दाख की परंपरा के अनुसार मांगों पर सहमति बनने के बाद सरकारी प्रतिनिधि जूस या सूप पिलाकर अनशन खत्म कराते हैं। लेकिन, उन्होंने स्पष्ट शर्त रखी थी कि इसे किसी एक पार्टी का इवेंट न बनाया जाए।

"मैंने मंत्रियों से साफ कहा था कि इस पल में विपक्ष के नेता और छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होने चाहिए ताकि यह एक संयुक्त प्रयास लगे। मंत्रियों ने सहमति जताई और वहां मौजूद खुफिया ब्यूरो (IB) के वरिष्ठ अधिकारियों को इसका गवाह बनाया गया था।" > सोनम वांगचुक

5 मिनट में टूटा गुप्त समझौता

वांगचुक का कहना है कि जब उन्होंने विपक्षी नेताओं की तस्वीरों का इंतजार करने की बात कही, तो मंत्रियों ने सहमति दी। लेकिन सहमति बनने के महज 5 मिनट के भीतर ही एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी हांफते हुए आए और बताया कि तस्वीरें न्यूज चैनलों पर चलने लगी हैं। वांगचुक ने कहा कि इस घटना ने उनके भीतर राजनीतिक नेताओं के प्रति बचा-कुचा भरोसा भी खत्म कर दिया है।

उन्होंने खुद पर लगे "मिडनाइट डील" (आधी रात के समझौते) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर उन्हें कोई सौदा ही करना होता तो वे 26 दिनों तक भूखे पेट बैठने का कष्ट क्यों उठाते? वे तो पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनने तक की डील कर सकते थे!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी किया वीडियो

प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश: वांगचुक ने अपना अनशन तब खत्म किया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी एक वीडियो संदेश में पेपर लीक रोधी कड़े कानूनों (Anti-Paper Leak Law) और फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की बात दोहराई।

अदालती हस्तक्षेप: अनशन के दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने अस्पताल में जबरन भर्ती कराने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था।

लद्दाख आंदोलन से जुड़ा पुराना इतिहास: सोनम वांगचुक इससे पहले लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule) में शामिल कराने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लद्दाख की कड़ाके की ठंड में 21 दिनों का जलवायु अनशन (Climate Fast) कर चुके हैं। केंद्र सरकार के साथ उनकी पूर्व में हुई बातचीत भी कई दौर के उतार-चढ़ाव से गुजरी है, जिसने इस नए विवाद को और गहरा बना दिया है।

Updated on:
06 Aug 2026 08:09 am
Published on:
06 Aug 2026 08:09 am