
नई दिल्ली।शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपने पति और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त 2026 को हुए हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की है।
हरसिमरत कौर ने पत्र में कहा कि हमले में सुखबीर सिंह बादल के दाहिने हाथ में चोट आई थी। उन्होंने कहा कि यदि एक सतर्क सुरक्षाकर्मी ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर को समय रहते नहीं रोका होता, तो घटना का परिणाम जानलेवा हो सकता था।
हरसिमरत कौर ने कहा कि 13 अगस्त को हुआ हमला कोई अकेली घटना नहीं थी। उन्होंने 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब परिसर में सुखबीर बादल पर हुए हमले का भी उल्लेख किया। उस समय सुखबीर बादल श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर सेवा कर रहे थे।
सांसद ने दोनों घटनाओं में समानताएं होने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि क्या दोनों हमले आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। हरसिमरत कौर ने आरोप लगाया कि पहले हमले से जिस तरह निपटा गया, उसी लापरवाही के कारण हत्या के प्रयास की दूसरी घटना सामने आई है।
उधर, महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा परिसर में हमले में घायल सुखबीर सिंह बादल को रविवार दोपहर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सूत्रों के मुताबिक, चिकित्सकीय जांच में उनकी चोट गंभीर नहीं पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सुखबीर बादल परिवार के सदस्यों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि नांदेड स्थित गुरुद्वारा माता साहिब कौर में दर्शन के दौरान सुखबीर बादल पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। हमले में उनके हाथ में चोट लगी थी।
घटना के बाद उन्हें नांदेड के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के लिए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया था।