
Sukhbir Badal Attack: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा माता साहिब कौर के बाहर जानलेवा हमला किया गया। एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। जिससे उनके हाथ में चोट आई है। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बादल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घटना में घायल हुआ है। दरअसल, पूर्व डिप्टी सीएम बादल परिवार के साथ नांदेड गुरुद्वारा में माथा टेकने गए थे।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमला करने वाला व्यक्ति नीले रंग की निहंग पोशाक में था और उसकी उम्र करीब 60-65 वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। सुरक्षा में तैनात जवानों ने हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड से जुड़े पदाधिकारी जैमल सिंह ढिल्लों के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर एक निहंग संप्रदाय के नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि हमलावर पंजाब का रहने वाला है और गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था।
यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा शिरोमणि पंथ अकाली बूढ़ा दल 96 करोड़ी से जुड़े एक गुट के प्रबंधन में है। इस निहंग संगठन का नेतृत्व बाबा मान सिंह करते हैं, जबकि स्थानीय जत्थेदार बाबा तेजा सिंह हैं।
सुखबीर सिंह बादल पर हमला नांदेड के बाहरी इलाके में स्थित गुरुद्वारा माता साहिब कौर में हुआ। यह गुरुद्वारा तख्त श्री हजूर साहिब से करीब 15 किलोमीटर दूर है। तख्त श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक है।
बताया जा रहा है कि बादल गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद लंगर हॉल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान हमलावर ने उन पर कृपाण से वार किया। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जानकारी नांदेड के पुलिस अधीक्षक से ली और अधिकारियों को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
सुखबीर सिंह बादल बुधवार को अपने परिवार और कुछ करीबी सहयोगियों के साथ तीन दिवसीय दौरे पर नांदेड पहुंचे थे। उन्होंने गुरुद्वारा माता साहिब कौर में अखंड पाठ का आयोजन कराया था।
गुरुवार को इससे पहले तख्त श्री हजूर साहिब के मुख्य गुरुद्वारे में बादल को मुख्य ग्रंथियों की ओर से सिरोपा भेंट किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।