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सुनेत्रा पवार के डिप्टी CM पद पर खतरा! सुनील तटकरे के बयान ने राजनीतिक गलियारों में मचाई खलबली

Maharashtra Politics: एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि शपथ प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं थी और यह पार्टी का आंतरिक फैसला था।

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Feb 05, 2026
Sunetra Pawar

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाओं के बीच प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद किसी खतरे में नहीं है। तटकरे ने कहा कि सुनेत्रा पवार ने तुरंत उपमुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ली, बल्कि सरकारी शोक समाप्त होने के बाद 72 घंटे बाद शपथ ली गई। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया के दावों का खंडन करते हुए कहा कि तकनीकी और संवैधानिक पहलुओं की जानकारी पार्टी को है।

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शपथ प्रक्रिया में नहीं थी कोई अनियमितता

तटकरे ने 1991 के अजित पवार और शरद पवार के उदाहरण देते हुए कहा, 'कई वर्षों के राजनीतिक अनुभव से हमें पता है कि सदस्य न होने पर भी कोई व्यक्ति कितने समय तक पद पर रह सकता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि शपथ प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं थी और यह पार्टी का आंतरिक फैसला था। सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का उद्देश्य महाराष्ट्र में स्थिरता बनाए रखना और अजित पवार की विकास की दृष्टि को आगे बढ़ाना था।

तटकरे ने विलय की अटकलों को नकारा

एनसीपी के दोनों गुटों (अजित पवार गुट और शरद पवार गुट) के विलय पर तटकरे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'जब अजित पवार का शव अंतिम दर्शन के लिए रखा था, तब विलय की चर्चा किसने और क्यों शुरू की? अंतिम संस्कार से पहले इंटरव्यू देने का उद्देश्य क्या था?' तटकरे ने प्रफुल्ल पटेल के साथ खुद को आलोचना का शिकार बताते हुए कहा कि विलय के माहौल में कई सवाल हैं। उन्होंने जोर दिया कि अजित पवार ने 2019 से ही भाजपा के साथ स्थिर और विकासोन्मुख सरकार बनाने की इच्छा जताई थी, और पार्टी एनडीए में बनी रहेगी।

दादा के के लिए सुनेत्रा ने उठाया कदम

तटकरे ने कहा, 'सुनेत्रा भाभी ने पार्टी को मजबूती देने और दादा (शरद पवार) के विचारों को आगे ले जाने के लिए यह कदम उठाया, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है।' विलय के पीछे के उद्देश्य पर उन्होंने ज्यादा टिप्पणी से इनकार किया। यह बयान अजित पवार के निधन के बाद उठी अफवाहों और राजनीतिक बहस को दर्शाता है, जहां शरद पवार गुट ने विलय की बात कही थी, लेकिन अजित गुट ने एनडीए में रहने पर जोर दिया।

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Updated on:
05 Feb 2026 10:59 pm
Published on:
05 Feb 2026 09:54 pm
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