
केरल के चर्चित सबरीमला मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक मामलों में महिलाओं के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इन मामलों की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान बेंच में गुरुवार को मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के अधिकार संबंधी मुद्दे पर दलीलें दी गई। चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने पक्ष रखा।
सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक अधिकारों पर सुनवाई के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अधिवक्ता एमआर शमशाद ने पक्ष रखा। अधिवक्ता एमआर शमशाद ने कोर्ट में कहा- महिलाओं को नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में प्रवेश करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इस याचिका में मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिद में प्रवेश करने और अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने की अनुमति की मांग की थी।