Supreme Court Physical Hearing: चीफ जस्टिस एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने बुधवार को कहा कि अगले 10 दिनों में अदालत में फिजिकल सुनवाई शुरू हो सकती है। इस बेंच जस्टिस सूर्यकांत और अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे।
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण (COVID-19 virus) के मामलों लगातार कमी दर्ज किया जा रहा है, लिहाजा तमाम राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर पहले से लागू कोविड प्रतिबंधों में ढील दे रही है। वहीं, तमाम सरकारी और निजी संस्थाओं में भी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए काामकाज शुरू किया जा रहा है।
इस बीच अब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में भी बहुत जल्द फिजिकल सुनवाई (Supreme Court Physical Hearing) शुरू हो सकती है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। चीफ जस्टिस एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने बुधवार को कहा कि अगले 10 दिनों में अदालत में फिजिकल सुनवाई शुरू हो सकती है। इस बेंच जस्टिस सूर्यकांत और अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे।
बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी की तरफ से टैरिफ को लेकर जारी किये गये एक आदेश से संबंधित) दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि अगले 10 दिनों में फिजिकल सुनवाई शुरू हो सकती है। बता दें कि कोरोना महामारी का प्रकोप की वजह से सुप्रीम कोर्ट की फिजिकल कार्रवाही पिछले साल मार्च के महीने से बंद है। अदालत में तब से वर्चुअली सुनवाई हो रही है।
जुलाई में बार एसोसिएशन ने CJI को लिखा था खत
टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी की तरफ से टैरिफ को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से जारी किए गये एक आदेश को लेकर वर्चुअली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हम वकीलों द्वारा की जा रही बहस को देख या सुन पाने में असमर्थ हैं। हम एक हफ्ते बाद या 10 दिनों बाद फिजिकली सुवनाई कर सकते हैं।
इससे पहले इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक खत लिखा था और मांग की थी कि अब अदालत में फिजिकल सुनवाई शुरू की जानी चाहिए। पत्र में कहा गया था कि कोविड-19 से बने हालात अब देश में करीब-करीब सामान्य हो चुके हैं। इसलिए जल्द से जल्द फिजिकल सुनवाई शुरू करने को लेकर विचार किया जाना चाहिए। मालूम हो कि इससे पहले जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कहा था कि वर्चुअली सुनवाई करने में काफी समस्याएं आ रही है।