
Supriya Sule Statement FCRA Bill Shiv Sena Symbol: विदेशी फंडिंग से जुड़े विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) विधेयक के मौजूदा स्वरूप का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। साथ ही इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने की मांग की है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले ने कहा कि विपक्ष एफसीआरए विधेयक पर सरकार के साथ चर्चा के लिए तैयार है। इस मुद्दे से जुड़े सभी पहलुओं को समझने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।
सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी एफसीआरए विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध करती है। मांग की कि विधेयक को जेपीसी के पास भेजा जाए ताकि इस पर विस्तार से विचार किया जा सके। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग भी की है। सुले ने कहा कि सरकार अगर इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है तो विपक्ष बातचीत के लिए तैयार है।
सुप्रिया सुले ने विदेशी फंडिंग को लेकर कहा कि अगर विदेश से गरीब बच्चों की मदद के लिए पैसा आता है तो इसमें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। कई संगठन दूसरे देशों से पैसा प्राप्त करते हैं। सरकार से एफसीआरए के मामले में ऐसा समाधान निकालने की अपील की है जो संतुलित हो। उनका कहना था कि नियमों का इस्तेमाल इस तरह होना चाहिए जिससे जरूरतमंद लोगों और संस्थाओं के काम पर अनावश्यक असर न पड़े।
सुप्रिया सुले ने संसद में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि वह खुद संसद में मौजूद थीं और पेलैट गन की आवाज सुन सकती थीं। एफसीआरए विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक, सरकार और विपक्ष को ऐसे विषयों पर बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन जी को लेकर दिए बयान पर भी सुप्रिया सुले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को धन्यवाद देती हूं कि नई पीढ़ी को ईमानदार बताया है।
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे से जुड़े सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न उद्धव ठाकरे का ही होना चाहिए। आगे कहा कि शिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी और उद्धव ठाकरे को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। सुप्रिया सुले ने कहा कि देश संविधान के आधार पर ही चलेगा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी शरद पवार की पार्टी है और वह इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
सुप्रिया सुले ने झारखंड छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भी चिंता जताई है और कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ वह देश में कहीं नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे पढ़ना चाहते हैं और उनके साथ इस तरह की घटना होना ठीक नहीं है। सुले ने कहा कि उन्होंने इस मामले के बारे में पढ़ा है और जानकारी मिली है कि झारखंड के मंत्रियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
सुप्रिया सुले ने इंडिया गठबंधन की बैठकों और सरकार की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए। गठबंधन की बैठक रोज सुबह 10 बजे होती है और नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। सुले ने कहा कि चुनाव के समय सरकार के नियम हर जगह लागू होते हैं लेकिन जब पेपर लीक होता है तो वही नियम दिखाई नहीं देते।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिए।