केरल हाई कोर्ट ने रेप और जबरन गर्भपात केस में MLA राहुल ममकूटथिल को अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने पासपोर्ट जमा करने, राज्य न छोड़ने और जांच में पूरा सहयोग करने सहित कई सख्त शर्तें लगाई हैं।
केरल हाईकोर्ट ने पलकड़ से विधायक और निष्कासित कांग्रेस नेता राहुल ममकूटथिल को रेप और जबरन गर्भपात के मामले में जमानत दे दी । हाई कोर्ट ने गुरुवार को अग्रिम जमानत देते हुए ममकूटथिल को जांच में संपूर्ण सहयोग करने और बिना अनुमति के केरल राज्य से बाहर नहीं जाने के सख्त निर्देष दिए है। न्यायमूर्ति काउसर एडप्पगथ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह जमानत याचिका मंजूर की है।
कोर्ट ने शर्तों के साथ ममकूटथिल को जमानत दी है। इसके अनुसार ममकूटथिल को जांच अधिकारी के सामने पेश होकर अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा ताकि वह बिना इजाजत देश के बाहर न जा सके। कोर्ट ने ममकूटथिल को 16 फरवरी सुबह 10 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होने और अपना मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए सौंपने का आदेश दिया है। पुलिस को लगातार तीन दिन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक पूछताछ की अनुमति दी गई है।
कोर्ट के अनुसार ममकूटथिल को दी गई जमानत को डीम्ड कस्टडी (यानी कानूनी रूप से हिरासत में माना जाना) माना जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसमें जरूरत पड़ने पर ममकूटथिल की मेडिलक जांच भी कराई जा सकती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत के दौरान यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो एक लाख रुपये के बॉन्ड पर तत्काल रिहा करना होगा। कोर्ट ने ममकूटथिल को शिकायतकर्ता या गवाहों से किसी भी प्रकार का संपर्क न करने और हर दूसरे शनिवार जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने को कहा है।
ममकूटथिल के खिलाफ नेमोम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की रेप, बिना सहमति गर्भपात कराने, मारपीट और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(E) के तहत निजता के उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया गया है। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके साथ बिना सहमति शारीरिक संबंध बनाए गए जिससे वह गर्भवती हुईं और बाद में उन पर गर्भपात के लिए दबाव डाला गया। पुलिस का दावा है कि निजी वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए और उन्हें डराने के लिए इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
राहुल ममकूटथिल को इससे पहले दर्ज दूसरे रेप केस में अग्रिम जमानत और तीसरे मामले में नियमित जमानत मिल चुकी है। इस तरह अब उनके खिलाफ दर्ज तीनों यौन उत्पीड़न मामलों में उन्हें बेल मिल गई है। मौजूदा केस दर्ज होने के बाद वह कुछ समय के लिए गायब हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। पहले तिरुवनंतपुरम सेशंस कोर्ट ने उनकी प्री अरेस्ट बेल याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अंतरिम राहत मिलने के बाद वह सामने आए। इसी दौरान तीसरा मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने पलकड़ के एक होटल से देर रात उन्हें हिरासत में लिया।