Suvendu Adhikari Cabinet: कोलकाता के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 35 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। राज्यपाल आरएन रवि ने सभी मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई।
Suvendu Adhikari Cabinet Expansion Data: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दुअधिकारी के नेतृत्व में नई कैबिनेट का गठन हो गया है। कोलकाता के लोक भवन में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में कुल 35 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया है, जिसके बाद शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व वाली इस काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की कुल संख्या अब 41 हो गई है। इस नई कैबिनेट का ढांचा बेहद दिलचस्प है, जिसमें प्रशासनिक अनुभव, युवा जोश और उच्च शैक्षणिक योग्यता का एक अनोखा संतुलन देखने को मिल रहा है।
इस नई कैबिनेट की सबसे बड़ी खासियत इसका उम्र और अनुभव का संतुलन है। पूरी कैबिनेट की औसत उम्र 57 वर्ष दर्ज की गई है। टीम में जहां कई अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता शामिल हैं, वहीं युवा चेहरों को भी पूरा मौका दिया गया है। कैबिनेट के 4 मंत्रियों की उम्र 50 साल से कम है। माथाभांगा (Mathabhanga) सीट से विधायक निशीथ प्रामाणिक (Nishith Pramanick) इस कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री बनकर उभरे हैं।
शैक्षणिक योग्यता के मामले में शुभेन्दु अधिकारी की यह नई टीम बेहद मजबूत नजर आ रही है। कैबिनेट के कुल मंत्रियों में से 83 फीसदी (15 मंत्री) ग्रेजुएट या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। इतना ही नहीं, लगभग 67 फीसदी (12 मंत्री) पोस्ट-ग्रेजुएट (स्नातकोत्तर) या उससे ऊपर की डिग्री वाले हैं। इस कैबिनेट की बौद्धिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शामिल 3 मंत्रियों के पास 'पीएचडी' (PhD) की मानद उपाधि भी है।
पारंपरिक राजनेताओं के अलावा इस कैबिनेट में अलग-अलग पेशेवर क्षेत्रों (Professional Backgrounds) के दिग्गजों को जगह दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मेडिकल प्रोफेशनल: डॉ. अजय कुमार पोद्दार और डॉ. शरद्वत मुखोपाध्याय।
शिक्षाविद व शिक्षक: डॉ. कल्याण चक्रवर्ती, डॉ. शंकर घोष, निशीथ प्रामाणिक, मनोज कुमार उरांव, दीपक बर्मन, अरूप कुमार दास और क्षुदिराम टुडू (कुल 5 मंत्रियों का बैकग्राउंड टीचिंग से है)।
बुद्धिजीवी व पत्रकार: स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय।
ममता बनर्जी के गढ़ में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए शुभेन्दु कैबिनेट में सोशल इंजीनियरिंग का विशेष ध्यान रखा गया है। कैबिनेट में पश्चिम बंगाल के शीर्ष 10 जाति समूहों में से 8 सहित कुल 13 अलग-अलग जाति समूहों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
अनुसूचित जाति (SC): राजबंशी समुदाय से निशीथ प्रामाणिक और दीपक बर्मन, जबकि नामशूद्र समुदाय से अशोक कीर्तनिया को शामिल कर बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश की गई है।
अनुसूचित जनजाति (ST): उत्तर बंगाल के चाय बागान बेल्ट से उरांव समुदाय का प्रतिनिधित्व मनोज कुमार उरांव कर रहे हैं, जबकि जंगलमहल क्षेत्र से संथाल समुदाय के चेहरे के रूप में क्षुदिराम टुडू को शामिल किया गया है।