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Chandrakant Rath Murder: यूपी पहुंच गई बंगाल की सीआईडी, गुजरात से बुलाई टीम, फिर भी हाथ खाली

शुभेन्दु अधिकारी पीए चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। इस केस में तीन राज्यों की पुलिस की एंट्री हो चुकी है। बंगाल, यूपी और गुजरात की टीम लगातार इस केस को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
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May 10, 2026
Chandrakant Rath Murder case
चंद्रनाथ रथ मर्डर केस

Suvendu Adhikari PA Murder Case: शुभेन्दु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ले ली। लेकिन अभी तक उनके पीए चंद्रनाथ रथ की मर्डर गुत्थी सुलझी नहीं है। इस केस में तीन राज्यों की पुलिस की एंट्री हो चुकी है। लेकिन फिर भी केस सुलझता नहीं दिख रहा है। बंगाल पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश पहुंची हुई है और लगातार इस केस में जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बंगाल CID की एक टीम भी उत्तर प्रदेश पहुंची लेकिन शनिवार को एक भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई। बंगाल से आई टीम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी और जांच कर रही है।

हिरासत में लिए गए दो युवक


रिपोर्ट के अनुसार यूपी के गुन्नौर से दो युवकों को हिरासत में लिया और उनसे कई घंटों तक पूछताछ की। लेकिन कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। इस बात का संदेह था कि हत्या के बाद हमलावर यूपी के संभल जिले के गुन्नौर भाग गए होंगे। जिसके बाद टीम ने कई जगह छापेमारी भी की। साथ ही शनिवार देर रात उत्तर प्रदेश में कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

फोन नंबर के आधार पर युवकों से पूछताछ


यूपी के बदायूं और संभल बंगाल पुलिस की एक टीम पहुंची थी। वहां दो युवकों से पूछताछ की गई। दरअसल बंगाल पुलिस के हाथ कुछ फोन नंबर लगे थे। जिसका इस्तेमाल मर्डर में किया गया था। वह नंबर यूपी के संभल जिले का पाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने वहां कई युवकों से पूछताछ भी की।

अब तक 2 बाइक बरामद


इस केस से जुड़ी 2 बाइक पुलिस के हाथ पहले हुई लग चुकी है। कोलकाता एयरपोर्ट इलाके से एक बाइक पुलिस के हाथ लगी। हालांकि जांच में पता चला कि बाइक की नंबर प्लेट फर्जी है। दूसरे बाइक को उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके से जब्त किया गया। उस बाइक की जांच की जा रही है। जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई कि मर्डर में इस्तेमाल कार को बेचने के लिए OLX पर भी डाला गया था।

चुनाव परिणाम के बाद हुई थी यह हत्या


आपको बता दें कि चंद्रनाथ रथ की हत्या चुनाव परिणाम आने बाद और शपथ ग्रहण से पहले हुई थी। इसलिए बीजेपी के कई नेताओं ने इसके लिए टीएमसी और ममता बनर्जी को भी जिम्मेदार ठहराया। हालांकि टीएमसी की तरफ से इस इसका खंडन किया गया और कहा गया कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। इस केस में कई राज्य की पुलिस और अलग-अलग टीम काम कर रही है।

Published on:
10 May 2026 11:57 am