
Tamil Nadu Assembly Bypolls 2026: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उथल-पुथल मच गया है। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के लिए अच्छी खबर और चुनौती दोनों एक साथ आई है। मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय की पार्टी में शामिल होने के लिए AIADMK के तीन विधायकों ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इन इस्तीफों के साथ ही विधानसभा की चार सीटें खाली हो गई हैं, जिससे छह महीने के अंदर उपचुनाव कराने की अनिवार्यता बन गई है।
मदुरांतकम की विधायक मारगथम कुमारावेल, धारापुरम की विधायक सत्यभामा और पेरुंदुरई के विधायक जयकुमार ने विधानसभा स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। तीनों ने तुरंत TVK में शामिल होने की घोषणा कर दी। यह घटनाक्रम TVK के लिए संगठनात्मक मजबूती का संकेत तो है, लेकिन नए मुख्यमंत्री विजय के सामने प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियां भी खड़ी कर रहा है।
विजय ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में दो सीटों-पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट-से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। भारतीय लोकतंत्र के नियमों के मुताबिक एक व्यक्ति दो सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। इसलिए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से इस्तीफा दे दिया था और पेरंबूर सीट को अपने पास रखा। अब तीन AIADMK विधायकों के इस्तीफे के साथ कुल चार सीटें-पेरंबूर (रिक्त नहीं, लेकिन संदर्भ), तिरुचिरापल्ली ईस्ट, मदुरांतकम, धारापुरम और पेरुंदुरई-उपचुनाव की प्रक्रिया में चली गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विजय सरकार के लिए पहली बड़ी परीक्षा साबित होगी। अभी सरकार बनकर सिर्फ कुछ समय ही हुआ है और चार उपचुनाव एक साथ लड़ना कोई आसान काम नहीं है। TVK को इन सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखनी होगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां AIADMK की पारंपरिक ताकत रही है। AIADMK के इन तीनों विधायकों के पार्टी छोड़ने से विपक्षी खेमे में भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
AIADMK लंबे समय से आंतरिक कलह का सामना कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम और ई.के. पलानीस्वामी गुट के बीच जारी तनाव के चलते कई नेता असंतोष में हैं। ऐसे में TVK की ओर रुख करना कई अन्य AIADMK नेताओं के लिए भी उदाहरण बन सकता है। सूत्रों के मुताबिक विजय की टीम इन नेताओं को आकर्षित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर काम कर रही है।
तमिलनाडु चुनाव आयोग अब इन चार सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां शुरू करेगा। नियमों के अनुसार छह महीने के अंदर चुनाव कराए जाने हैं। इन उपचुनावों का नतीजा विजय सरकार की लोकप्रियता और स्थिरता का आंकड़ा तय करेगा। अगर TVK इनमें से अधिकांश सीटें जीत जाती है तो यह मुख्यमंत्री विजय की छवि को और मजबूत करेगा। वहीं हार या खराब प्रदर्शन से विपक्ष को हमला करने का मौका मिलेगा।