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Tamil Nadu Politics: सरकारी बैठकों में कौन थे ‘अनऑफिशियल’ चेहरे? CM विजय पर DMK ने उठाए सवाल

Cabinet Meeting Controversy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के करीबी सहयोगियों की सरकारी बैठकों में भूमिका को लेकर विवाद बढ़ गया है। डीएमके ने सवाल उठाया है कि बिना आधिकारिक पद वाले लोगों को संवेदनशील बैठकों में शामिल करने का अधिकार किस आधार पर दिया गया...
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Jul 02, 2026
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CM विजय पर डीएमके ने लगाए आरोप (Photo-IANS)

Tamil Nadu Politics: राज्य में सरकार को चलाने के लिए मुख्यमंत्री के आसपास भरोसेमंद लोगों की एक टीम होती है। तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय के साथ भी ऐसी ही टीम काम कर रही है, जिसमें राजनीतिक रणनीतिकार, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग, पत्रकार और भरोसेमंद साथी शामिल हैं। लेकिन इसको लेकर अब प्रदेश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 

दरअसल, विवाद इस बात को लेकर है कि यदि ये लोग सरकार में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं, तो उनकी आधिकारिक जिम्मेदारियों की जानकारी जनता को सरकारी आदेशों के बजाय सोशल मीडिया पोस्ट और विपक्ष के आरोपों से क्यों मिल रही है?

डीएमके ने उठाए सवाल

इसको लेकर डीएमके ने सवाल उठाए है। डीएमके के संगठन सचिव आर. एस. भारती ने राज्य के डीजीपी से शिकायत कर जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी के के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दोनों पर आरोप लगाया कि इन्होंने मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठकों, उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों और अन्य गोपनीय सरकारी बैठकों में हिस्सा लिया।

डीएमके नेता ने कहा कि यदि दोनों सरकारी कमर्चारी नहीं है तो उनकी मौजूदगी कानूनों का उल्लंघन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अपने शपथ के तहत सरकारी गोपनीयता बनाए रखने के लिए बाध्य हैं।

वहीं डीएमके सांसद विल्सन ने भी सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि यदि ये दोनों सरकारी अधिकारी नहीं हैं तो उन्हें गोपनीय दस्तावेजों वाली बैठकों में किस अधिकार से शामिल किया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों को मुख्यमंत्री कार्यालय के पास ही कमरे आवंटित किए गए हैं।

TVK का जवाब

डीएमके के सवालों का टीवीके की तरफ से भी जवाब दिया गया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष का आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार ने आवश्यक सरकारी आदेश  जारी किए हैं, जिनके तहत जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी को महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होने का अधिकार दिया गया है।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का सवाल है कि यदि ऐसे सरकारी आदेश मौजूद हैं, तो उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? उनका मानना है कि आदेश जारी कर देने से पूरा विवाद कुछ ही घंटों में समाप्त हो सकता था।

इंस्टाग्राम पोस्ट से सामने आई नियुक्ति

दरअसल, प्रदेश में विवाद इन दो नामों तक सीमित नहीं है। सीएम विजय के लंबे समय से मैनेजर रहे जगदीश पलानीस्वामी ने 22 जून को विजय के जन्मदिन पर इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए खुद को "मुख्यमंत्री का निजी सचिव बताया।

TVK के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, उनकी नियुक्ति कई दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा सरकार की ओर से नहीं की गई।

फिल्म जगत से जुड़े लोगों को अहम जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री विजय की आने वाली फिल्म जना नायकन के निर्माता और बेंगलुरु स्थित KVN ग्रुप के चेयरमैन के. वेंकट नारायण को तमिलनाडु सरकार का नई दिल्ली में विशेष प्रतिनिधि (कैबिनेट रैंक) नियुक्त किया गया है।

वहीं, विजय की कई फिल्मों के सिनेमैटोग्राफर मनोज परमहंसा को एमजीआर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट का प्रमुख बनाया गया है।

पांच अनौपचारिक सलाहकारों की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय के आसपास पांच ऐसे प्रभावशाली लोग हैं जो राजनीतिक रणनीति, प्रशासनिक फैसलों और सरकार के कामकाज पर लगातार सलाह दे रहे हैं। इनमें एक पूर्व डीएमके नेता का करीबी, कुछ वरिष्ठ पत्रकार, फिल्म जगत से जुड़े विश्वस्त सहयोगी और डीएमके गठबंधन से दो बार सांसद रह चुके एक वामपंथी नेता भी शामिल बताए जाते हैं।

इनमें से कई लोगों के पास कोई आधिकारिक पद नहीं है, फिर भी वे सरकारी फैसलों और प्रशासनिक समन्वय में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Published on:
02 Jul 2026 11:22 am