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‘परिसीमन से तमिलनाडु की राजनीतिक आवाज दब जाएगी’, तिरुपत्तूर में कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Tamil Nadu Delimitation: तिरुपत्तूर में कांग्रेस ने प्रस्तावित लोकसभा परिसीमन के खिलाफ रैली निकाली। पार्टी ने दावा किया कि इससे तमिलनाडु का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आवाज कमजोर हो सकती है।
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Aug 09, 2026
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तिरुपत्तूर में कांग्रेस ने प्रस्तावित लोकसभा परिसीमन के खिलाफ रैली निकाली। (फोटो - एक्स/@srimaanofficial)

Tamil Nadu Delimitation Protest: प्रस्तावित लोकसभा परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को तिरुपत्तूर में जिला कांग्रेस कमेटी ने परिसीमन के विरोध में शांतिपूर्ण रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काले गुब्बारे छोड़े और 'रिजेक्ट मोदी-लिमिटेशन' के नारे लगाए। कांग्रेस का आरोप है कि आबादी के आधार पर होने वाला परिसीमन तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है।

तमिलनाडु की आवाज दब जाएगी

तिरुपत्तूर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय इलंचेजियन ने कहा कि रैली का मकसद लोगों को परिसीमन के संभावित प्रभावों के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परिसीमन से तमिलनाडु को लोकसभा में सीटों के मामले में नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि तमिलनाडु ने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में काम किया है, जबकि कुछ अन्य राज्यों में आबादी तेजी से बढ़ी। ऐसे में केवल जनसंख्या को आधार बनाकर लोकसभा सीटों का पुनर्वितरण करना तमिलनाडु के लिए उचित नहीं होगा।

तिरुपत्तूर में निकली रैली, राजीव गांधी की प्रतिमा पर चढ़ाए फूल

कांग्रेस की रैली सुबह करीब 10 बजे तिरुपत्तूर कांग्रेस मैदान से शुरू हुई। कार्यकर्ता बस स्टैंड होते हुए राजीव गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

प्रदर्शन के दौरान लोगों को परिसीमन के बारे में जानकारी देने वाले जागरूकता बोर्ड भी लगाए गए। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना चाहती है।

यह प्रदर्शन तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर के निर्देश पर आयोजित किया गया था। पार्टी ने इसे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की परिसीमन के खिलाफ मुहिम के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम बताया।

सीटों के पुनर्वितरण को लेकर क्यों है विरोध?

परिसीमन का मतलब लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं तथा सीटों का पुनर्निर्धारण है। इसमें जनसंख्या जैसे आधारों को ध्यान में रखा जाता है। तमिलनाडु में कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों को आशंका है कि अगर भविष्य में सीटों का बंटवारा मुख्य रूप से आबादी के आधार पर हुआ तो जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण किया है उनकी संसद में हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ने के बजाय दोनों मुद्दों को अलग-अलग तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

तमिलनाडु में सांसदों की बैठक भी हुई

परिसीमन के मुद्दे पर शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के सांसदों की बैठक भी बुलाई थी। इसमें कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीआई (एम), एमडीएमके और आईयूएमएल समेत कई दलों के करीब 21 सांसद शामिल हुए।

बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि आबादी के आधार पर होने वाले परिसीमन से अगर तमिलनाडु का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है तो उसका मजबूती से विरोध किया जाएगा। हालांकि, डीएमके और एआईएडीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हुई।

लोकसभा की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव क्या है?

केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया था। प्रस्ताव में लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 करने और 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रावधान था।

हालांकि, विधेयक संसद में जरूरी विशेष दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और पारित नहीं हुआ। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिला आरक्षण के समर्थन में हैं लेकिन वे परिसीमन की प्रक्रिया को इससे अलग करने की मांग कर रहे हैं।

Updated on:
09 Aug 2026 07:34 pm
Published on:
09 Aug 2026 07:31 pm