तमिलनाडु राजनीति में विजय की TVK पार्टी ने 100+ सीटों पर बढ़त बनाकर DMK-AIADMK के वर्चस्व को चुनौती दे दी। कम समय में उभरे विजय ने रजनीकांत और कमल हासन से अलग मजबूत राजनीतिक पकड़ दिखाई, जिससे राज्य की सियासत में नए युग की शुरुआत होती दिख रही है।
Tamil Nadu Election Result 2026: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। फिल्मों में ‘थलापति’ के नाम से मशहूर Joseph Vijay(विजय) ने अब सियासी मैदान में भी अपनी ताकत दिखा दी है। उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’(TVK) ने 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य की पारंपरिक राजनीति को हिला दिया है। कई दशकों से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम(AIADMK) के बीच ही सत्ता की लड़ाई सीमित रही थी। लेकिन इस बार तस्वीर अलग है। विजय ने खुद को एक मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है। यह सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि उस राजनीतिक ढांचे के टूटने जैसा है जो लंबे समय से कायम था।
दिलचस्प बात यह है कि विजय ने यह मुकाम बहुत कम समय में हासिल किया। 2 फरवरी 2024 को पार्टी लॉन्च करने से पहले ही वह ‘विजय मक्कल इयक्कम’ संगठन के जरिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे। उनकी रैलियों में भीड़ उमड़ रही थी। विजय जहां भी जाते थे, लोग उन्हें घेर लेते थे। प्रशासन के लिए भी भीड़ संभालना चुनौती बन जाता था। साफ है कि उनकी लोकप्रियता अब सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रही।
TVK की इस सफलता के पीछे उनकी घोषणाओं को बड़ी माना जा रहा है। उन्होंने घोषणा पत्र में ऐसे वादे किये, जो सीधे आम जनता की जरूरतों से जुड़े थे। जैसे-किसानों के लिए राहत पैकेज, घरेलू खर्च कम करने की पहल, महिलाओं को आर्थिक मजबूती का भरोसा जैसे कई अहम वादे थे, जिन्होंने उन्हें राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने में मदद की।
अगर पीछे देखें तो कई बड़े सितारे राजनीति में आए, लेकिन वह असर नहीं बना पाए जो अब विजय बनाते दिख रहे हैं। रजनीकांत(Rajinikanth) ने 2017 में राजनीति में आने का ऐलान किया था। वह तमिल सिनेमा के ऐसे सुपरस्टार हैं, जिनके मंदिर हैं। उन्होंने आध्यात्मिक राजनीति का वादा किया और साल 2021 के विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बनाई।उनके फैंस को उम्मीद थी कि वह बड़ा बदलाव लाएंगे। लेकिन 2020 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उन्होंने कदम पीछे खींच लिए और बाद में संगठन भी भंग कर दिया। रजनीकांत ने साफ कहा कि भविष्य में उनकी राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है।
वहीं कमल हासन(Kamal Haasan) भी ऐसे सुपरस्टार हैं, जिन्होंने राजनीति में धमाकेदार एंट्री मारी। साल 2018 में उन्होंने मदुरै में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘मक्कल नीधि मय्यम’(MNM) बनाई। उन्होंने चुनाव भी लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2021 विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी पार्टी कमजोर पड़ती गई। 2026 चुनाव से पहले उन्होंने एमके स्टालिन(M. K. Stalin) के नेतृत्व वाली DMK के साथ समझौते की कोशिश की, लेकिन सीटों को लेकर बात नहीं बनी और अंततः उन्होंने चुनाव से दूरी बना ली। एमके स्टालिन ने जितनी सीट ऑफर की, कमल हासन संतुष्ट नहीं थे। जिसके बाद दोनों पार्टियों का गठबंधन नहीं हो पाया। डीएमके ने कमल हासन को राज्यसभा भेजा था। इस चुनाव में उन्होंने पार्टी को बिना किसी शर्त के समर्थन दे दिया।