
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की सरकार को गिराने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। राज्य की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं DMK ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि TVK बिना ठोस सबूत के माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा माजरा।
सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत टीवीके के 15 विधायकों से एक साथ इस्तीफा दिलवाकर सरकार गिराने की तैयारी थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब टीवीके के उथंगरई से विधायक एन. इलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि आईपीडीएस नाम की एक कंसल्टेंसी फर्म से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उस व्यक्ति ने तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर जेसीडी प्रभाकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के बदले उन्हें 35 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया था। विधायक का यह भी आरोप है कि ऑफर ठुकराने के बाद उन्हें किसी से इस बारे में बात नहीं करने की धमकी दी गई।
विधायक की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई। सबसे पहले चेन्नई से एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ने पर करूर से दो और लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में से एक का संबंध DMK विधायक सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक से बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
तमिलनाडु सरकार के मंत्री सीटी निर्मल कुमार का कहना है कि इस मामले में सेंथिल बालाजी से जुड़े लोग और करूर गैंग शामिल हैं। उन्होंने मांग की है कि इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। निर्मल कुमार ने यह आरोप भी लगाया कि DMK और AIADMK के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी मिलकर विजय सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे थे। उनका दावा है कि TVK के कई विधायकों को 10 करोड़, 20 करोड़, 35 करोड़ और यहां तक कि 50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया था।
DMK प्रवक्ता ए. सरवनन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि टीवीके सिर्फ लोगों के बीच एक माहौल बनाने के लिए चल रही जांच की जानकारियों को बाहर लीक कर रही है। सरवनन ने कहा कि अगर सरकार के पास सेंथिल बालाजी के खिलाफ कोई ठोस सबूत हैं तो वह उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए।
विजय और सेंथिल बालाजी के बीच पहले भी कई बार राजनीतिक टकराव हो चुका है। सेंथिल बालाजी करूर से आते हैं। इसी जिले में विजय की एक चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। उस समय विजय ने आरोप लगाया था कि उनकी छवि खराब करने के लिए यह साजिश रची गई थी। हालांकि, सेंथिल बालाजी ने इन आरोपों से इनकार किया था।