
Taratala warehouse accident: कोलकाता के तारातला इलाके में हुए दर्दनाक गोदाम हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों के लिए पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की है। बुधवार को निर्माणाधीन वेयरहाउस गिरने से हुई इस दुर्घटना में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी घायल है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) की ओर से जारी बयान के अनुसार इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में घटना में दुख जताया गया और कहा गया कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएम ने इस पोस्ट में दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हादसे के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच भी तेज कर दी गई है। घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि यह हादसा बुधवार दोपहर ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम में हुआ। अचानक छत और लोहे का ढांचा भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। राहत कार्य में कोलकाता पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, एनडीआरएफ (NDRF), सिविल डिफेंस और सेना की टीमें रातभर जुटी रहीं। भारी क्रेन, गैस कटर, ड्रोन और स्निफर डॉग की मदद से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला गया। अब तक करीब 20 लोगों को बचाया गया है, जबकि कई घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है।
इस हादसे के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें परियोजना सुपरवाइजर गुलजार हुसैन, आयरन स्ट्रक्चर फैब्रिकेटर कमल सामंतो, जमीन के लीजधारक संभुनाथ बेहरा, मजदूर सप्लायर दिवाकर भंडारी और भवन स्वीकृति के लिए कथित ब्रोकर अब्दुल हमीद शामिल हैं। कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच में भवन की डिजाइन, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मंजूरी प्रक्रिया की भूमिका की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में खराब स्ट्रक्चरल डिजाइन और कमजोर निर्माण सामग्री को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।