
India Bangladesh Relations: BRICS समिट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के नहीं आने पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है कि भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को दो बार BRICS में शामिल होने का न्योता दिया गया था। इनमें से एक न्योता उन्हें दि्वपक्षीय यात्रा के लिए दिया गया था और दूसरा न्योता उन्हें 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (BIMSTEC) के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया गया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में सामने आया है, जब बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निमंत्रण नहीं मिला था। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, कबीर का कहना था कि हम कैसे जाएंगे? हमारे प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया गया। उनका कहना था कि उनको निमंत्रण सिर्फ BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में भेजा गया था।
फरवरी 2026 में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से अभी तक तारिक रहमान ने भारत का कोई आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा नहीं किया है। इससे पहले 23 अगस्त को भारत दौरा प्रस्तावित था लेकिन वह टाल दिया गया। कबीर का कहना है कि किसी मल्टीलेटरल फोरम से शुरुआत करने के बजाय सीधे द्विपक्षीय बातचीत के जरिए भारत के साथ नए कामकाजी संबंध शुरू होने चाहिए। इससे पहले कबीर ने पहले कहा था कि रहमान का भारत दौरा तब होगा जब दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी शेड्यूल पर राजी हो जाएंगे।
अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंध संवेदनशील बने हुए हैं। ढाका ने बार-बार उनके प्रत्यर्पण की मांग की है, जिसमें 2024 और 2026 में की गई मांगें भी शामिल हैं, लेकिन भारत ने इन मांगों को नहीं माना है।
18 वें BRICS समिट की मेजबानी भारत ने की थी। इसमें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को मौजूदा BIMSTEC चेयरमैन के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में बुलाया था। साथ ही उन्हें दि्वपक्षीय यात्रा के लिए भी बुलाया गया था। इस समय BIMSTEC में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।