
Taslima Nasreen Kolkata Visit: मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंची हैं। नसरीन कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम में अपनी आत्मकथा के विमोचन समारोह में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि साल 2003 में तसलीमा नसरीन की आत्मकथात्मक पुस्तक 'द्विखंडित' के प्रकाशन के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाया गया कि पुस्तक की कुछ सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और तत्कालीन राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में पुस्तक के प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया।
वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट ने साल 2005 में इस प्रतिबंध को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि किताब का उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और सरकार का फैसला उचित नहीं था। इसके बावजूद कई कट्टरपंथी संगठनों ने उनके खिलाफ विरोध जारी रखा।
साल 2007 में एक बार फिर कोलकाता में उग्र प्रदर्शन हुए। कुछ संगठनों ने उनकी राज्य से निष्कासन की मांग की, जिसके बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकार ने उन्हें शहर से बाहर भेज दिया।
इस दौरान कुछ धार्मिक संगठनों ने उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया और उन्हें देश से बाहर भेजने की मांग की। लगातार बढ़ते विरोध और सुरक्षा संकट के चलते तसलीमा नसरीन को आखिरकार नवंबर 2007 में कोलकाता छोड़ना पड़ा। बता दें कि फिर बंगाल में 2011 में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई, लेकिन फिर भी तसलीमा नसरीन की कोलकाता वापसी नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से तसलीमा नसरीन की कोलकाता लौटने की मांग लगातार खारिज होती रही थी। लेकिन बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद उनकी यह बहुप्रतीक्षित वापसी संभव हो सकी।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तसलीमा नसरीन का गर्मजोशी से स्वागत किया। शहर पहुंचने से पहले तसलीमा नसरीन ने कोलकाता स्थित द टेलीग्राफ से बातचीत में उम्मीद जताई कि उनकी यह यात्रा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति की आवाजों की सुरक्षा के महत्व को और मजबूत करेगी।