
गुरुग्राम। सड़क हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर तुषार कुमार की मौत हो गई। वह टीसीएस में सिस्टम इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थे और करीब पांच साल से गुरुग्राम में नौकरी कर रहे थे। हादसे की खबर जब मथुरा स्थित उनके घर पहुंची तो परिवार को यकीन ही नहीं हुआ कि जिस बेटे से रोज बात होती थी, वह अब कभी फोन नहीं करेगा। तुषार मूल रूप से मथुरा के रहने वाले थे। उन्होंने गाजियाबाद से बीटेक किया था और शुरुआती पढ़ाई मथुरा में हुई थी।
परिवार के मुताबिक तुषार हर दिन अपनी मां को फोन करते थे। घरवालों को उनके फोन का इंतजार था, लेकिन रात बीतती गई और फोन नहीं आया। रात करीब 11.30 बजे तुषार साइबर सिटी स्थित अपने कार्यालय से सेक्टर 37डी में रहने वाले अपने चाचा के घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार वह बाइक से मॉलसरी एवेन्यू की तरफ जा रहे थे। मॉलसरी एवेन्यू रैपिड मेट्रो स्टेशन के पास सड़क पर काम चल रहा था। इसी दौरान सड़क पर चल रहे एक अर्थमूवर की पिछली बाल्टी अचानक घूमकर तुषार की लेन में आ गई।
बाल्टी बाइक से टकरा गई और तुषार सड़क पर गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। राहगीरों और आपातकालीन सेवा की मदद से तुषार को डीएलएफ फेज-3 स्थित नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद अर्थमूवर का चालक मौके से भाग गया। मथुरा में रहने वाले तुषार के पिता हरीश कुमार की उम्र 56 साल है। उन्होंने बताया कि रात करीब 12 बजे उत्तर प्रदेश पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके बेटे का गुरुग्राम में हादसा हो गया है।
हरीश कुमार ने कहा कि वह पांच साल से गुरुग्राम में काम कर रहा था। यह उसकी पहली नौकरी थी। वह रोज अपनी मां से फोन पर बात करता था। वह बिना फोन किए नहीं रहता था। उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, लेकिन यह नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी अनहोनी हो गई है। परिवार के लिए सबसे मुश्किल बात यह रही कि जिस बेटे की आवाज रोज फोन पर सुनाई देती थी, उसी की मौत की खबर रात में पुलिस लेकर पहुंची। हादसे के बाद उनका शव गुरुग्राम से मथुरा लाया गया था। तुषार के पिता की शिकायत पर डीएलएफ फेज-3 थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक अर्थमूवर चालक की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अधिकारी ने कहा है कि चालक की पहचान कर जल्द उसे पकड़ा जाएगा।