
लालु प्रसाद यादव के लाल, तेज प्रताप यादव ने पिता और उनकी पार्टी से अलग हट कर अपने और अपनी नई पार्टी के लिए एक अलग पहचान बनाने की ठान ली है। तेज प्रताप अपनी पार्टी, जनशक्ति जनता दल (JJD) के आधार को बढ़ाने के लिए शुक्रवार से सदस्यता अभियान शुरू करने जा रहे हैं। नीतीश कुमार की सरकार में दो बार मंत्री रहे तेज प्रताप यह अभियान एक बहुत बड़े स्तर पर शुरू करेंगे, जो कि बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए इस अभियान की घोषणा की है। इसमें उन्होंने बताया कि, 2025 से 2028 के लिए सदस्यता अभियान दोपहर 1 बजे 26 M स्टैंड रोड पर स्थित उनके सरकारी आवास से शुरू किया जाएगा। इस अभियान की घोषणा करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि यह प्रयास सिर्फ राजनीतिक तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों पर आधारित एक आंदोलन है जिसके जरिए वह अपने परिवार को बढ़ाना चाहते हैं।
इन विधानसभा चुनावों में तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी के बैनर तले पहली बार चुनाव लड़े थे। हालांकि परिणामों में तेज प्रताप को बुरी हार का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में बहुत अधिक कमी नहीं आई। चुनावों के कुछ ही दिन बाद तेज प्रताप ने अपना नया यूट्यूब चैनल 'TY Vlogs' लॉन्च कर दिया और एक बार फिर ब्लॉगिंग की दुनिया में लौट आए। सोशल मीडिया यूजर्स तेज प्रताप के ब्लॉग्स को काफी प्यार देते हैं। अब ब्लॉगिंग के साथ साथ तेज प्रताप फिर से पॉलिटिक्स में भी एक्टिव होने लगे हैं और उन्होंने अपनी पार्टी का विस्तार करने का फैसला लिया है।
RJD पार्टी का वोटर बैंक लालू की सोशल इंजीनियरिंग और उसके मज़बूत समर्थक समूह पर टिका है। तेज प्रताप की बात की जाए तो वह भी लंबे समय से राजनीति में है। उनका अलग अंदाज और उनकी मजबूत सोशल मीडिया मौजूदगी काफी प्रभावशाली मानी जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो तेज प्रताप का यह अनोखा अंदाज RJD के पुराने और पक्के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकता है।
2025 के विधानसभा चुनावों ने पहले ही तेज प्रताप और भाई तेजस्वी यादव के बीच की लड़ाई को सार्वजनिक कर दिया। अब यह पारिवारिक लड़ाई एक राजनीतिक मतभेद में बदल चुकी है। तेज प्रताप पहले ही दावा कर चुके हैं कि वह मर जाएंगे लेकिन RJD में वापस शामिल नहीं होंगे। इससे साफ है कि दोनों भाइयों के बीच अब दुबारा रिश्ते सहीं होने की संभावना न के बराबर है। वहीं चुनावों में कई बार तेज प्रताप एनडीए सरकार के लिए भी समर्थन दिखा चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की थी। यह दर्शाता है कि अगर तेज प्रताप की पार्टी अपना विस्तार करने में सफल हो पाती है तो बिहार में एक नया राजनीतिक गठबंधन देखने को मिल सकता है।