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भारत ने खोया एक और तेजस, लैंडिंग के दौरान हुआ क्रैश, हादसे के बाद सभी तेजस का संचालन अस्थायी बंद

लैंडिंग के दौरान तेजस एलसीए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट सुरक्षित है, लेकिन विमान को भारी नुकसान पहुंचा। भारतीय वायुसेना ने पूरी फ्लीट ग्राउंड कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

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Feb 23, 2026
Tejas Crash
लैंडिंग के दौरान तेजस क्रैश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारतीय वायुसेना में शामिल स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस एक बार फिर दुर्घटना का शिकार हो गया है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब तेजस Mk1A कार्यक्रम पहले से ही डिले का सामना कर रहा है। ताजा हादसा इस महीने की शुरुआत में एक प्रमुख एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसके बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने पूरी तेजस फ्लीट को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर व्यापक तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

नियमित ट्रेनिंग के बाद लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

सूत्रों के अनुसार यह हादसा नियमित ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग के समय हुआ। प्रारंभिक जांच में ऑनबोर्ड सिस्टम में संभावित तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। विमान को गंभीर एयरफ्रेम डैमेज हुआ है और इसे राइट ऑफ किया जा सकता है। हालांकि राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बाहर निकल आया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। घटना के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने लगभग 30 सिंगल सीट तेजस विमानों को एहतियातन ग्राउंड कर विस्तृत टेक्निकल ऑडिट शुरू कर दिया है।

मार्च 2024 में हुआ पहला क्रैश

तेजस के इंडक्शन के बाद यह तीसरा बड़ा हादसा है। पहला क्रैश मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था, जब विमान फायरपावर डेमो के बाद लौट रहा था। उस दौरान भी पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हुआ, जब प्रदर्शन के समय विमान क्रैश हो गया और विंग कमांडर नमांश स्याल की मृत्यु हो गई। उस दुर्घटना की जांच अभी भी जारी है। ताजा हादसे ने तेजस प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और मेंटेनेंस प्रोटोकॉल पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेजस Mk1A की डिलीवरी पर पड़ सकता है असर

यह दुर्घटना ऐसे समय आई है जब तेजस Mk1A डिलीवरी पहले से करीब दो साल लेट चल रही है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने 180 Mk1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर दिया है। पिछले सितंबर में रक्षा मंत्रालय (MoD) ने 62,370 करोड रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर कर 97 और तेजस Mk1A खरीदने का निर्णय लिया था। यह मल्टी रोल फाइटर एयर डिफेंस, मैरीटाइम रिकॉनिसेंस और स्ट्राइक मिशन में सक्षम माना जाता है। हालांकि ताजा हादसे के बाद तकनीकी जांच के नतीजे आने तक डिलीवरी और ऑपरेशनल प्लानिंग पर असर पड़ सकता है।

Updated on:
23 Feb 2026 11:24 am
Published on:
23 Feb 2026 09:35 am
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