
भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को लेकर हाल ही में मीडिया में क्रैश की खबरें सामने आई थीं। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय वायु सेना का यह विमान एक हादसे में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। अब इस मामले में तेजस की निर्माता कंपनी हालांकि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का बयान सामने आया है। HAL ने स्पष्ट किया है कि यह कोई क्रैश नहीं बल्कि जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी घटना थी।
रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि LCA तेजस के क्रैश की कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। कंपनी ने कहा कि जिस घटना की चर्चा हो रही है वह जमीन पर हुई एक छोटी तकनीकी समस्या थी, जिसे मानक प्रक्रिया के तहत गहराई से जांचा जा रहा है। HAL ने अपने बयान में कहा कि वह हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को स्वीकार करता है और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना चाहता है। कंपनी के अनुसार, LCA तेजस का कोई क्रैश नहीं हुआ है। यह घटना जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी।
HAL ने यह भी बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत मामले का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है और भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ मिलकर तेजी से समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। कंपनी ने दोहराया कि तेजस दुनिया के समकालीन फाइटर एयरक्राफ्ट में बेहतरीन सुरक्षा रिकॉर्ड रखने वाले विमानों में शामिल है। बता दें कि हाल ही में यह खबरें सामने आई थी कि इस महीने की शुरुआत में एक प्रमुख एयरबेस पर प्रशिक्षण उड़ान से लौटते समय तेजस विमान रनवे से आगे निकल गया। आशंका जताई गई थी कि ब्रेक फेल होने के कारण यह रनवे ओवरशूट की स्थिति बनी।
इन रिपोर्ट्स के अनुसार, 7 फरवरी को हुई इस घटना में विमान के एयरफ्रेम को गंभीर संरचनात्मक नुकसान पहुंचा। हालांकि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और वह पूरी तरह सुरक्षित रहा। घटना का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया। HAL ने इन दावों पर सीधे प्रतिक्रिया देते हुए इसे जमीन पर हुई तकनीकी समस्या बताया है।
तेजस फाइटर का डिजाइन एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने तैयार किया है और इसका निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया जाता है। यह सिंगल इंजन मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जो एयर डिफेंस, मेरीटाइम रिकोनिसेंस और स्ट्राइक मिशन जैसे कार्यों के लिए सक्षम है। 2015 में सेवा में शामिल होने के बाद से तेजस के साथ यह तीसरी दुर्घटना बताई जा रही है। मार्च 2024 में जैसलमेर के पास पहला क्रैश हुआ था, जबकि नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान दूसरी घटना में एक पायलट की जान गई थी। वर्तमान में भारतीय वायु सेना (IAF) के बेड़े में लगभग 30 तेजस विमान शामिल हैं।