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जंगल के संरक्षक पर संकट: टाइगर नहीं बचे तो बिगड़ जाएगा जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र

भारत में सबसे ज़्यादा टाइगर पाए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद इन पर संकट छाया हुआ है। क्या है इसकी वजह? आइए नज़र डालते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Jul 29, 2026

Tigers

टाइगर्स (File Photo)

भारत (India) ने वर्ष 1973 में टाइगर प्रोजेक्ट (Tiger Project) शुरू कर दुनिया को सफल मॉडल दिया, लेकिन देश के 18 राज्यों 58 टाइगर रिज़र्वों के संरक्षित क्षेत्रों में आवास कर रहे करीब 4 हज़ार टाइगर में से 30% यानी 1200 टाइगर बाहर विचरण कर रहे हैं। सवाल यह है कि देश में सफल मॉडल होते हुए भी 1200 टाइगर जंगलों से बाहर निकलने के लिए मजबूर क्यों हुए? बाहर विचरण कर रहे इन टाइगर्स (Tigers) ने कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर टाइगर सुरक्षित है तो समझिए जंगल में पूरा पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है।

जैव विविधतता के लिए टाइगर ज़रूरी

टाइगर बचे रहे तो जंगल में अनुशासन, पानी के स्रोतों तथा जैव विविधता बनी रहेगी। दुनिया का टाइगर कैपिटल होने के बावजूद भारत में पिछले कुछ सालों में टाइगर की मौतें हो रही है। असली चुनौती उन्हें सुरक्षित जंगल, पर्याप्त शिकार, एक-दूसरे से जुड़े हुए कॉरिडोर और इंसानों के साथ संतुलित सह-अस्तित्व उपलब्ध कराने की है।

मृत्यु और शिकार की चुनौती

एनटीसीए डेटा के अनुसार 2025 में भारत में 157 और 2026 में अब तक 111 टाइगर्स की मौत दर्ज हुई, जो 2024 के 126 से काफी ज़्यादा है। पिछले पांच वर्षों में लगभग 51% मौतें रिज़र्व के बाहर हुईं, जहाँ बाघ मानव क्षेत्रों में घुसते हैं। कारणों में प्राकृतिक (आंतरिक लड़ाई), विद्युत आघात, सड़क दुर्घटना, जहर और शिकार शामिल हैं। 2025 में 31 बाघ शावक भी मारे गए। शिकार के लंबित मामले बढ़कर 140 पहुंच गए हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

टाइगर क्यों जरूरी?

जंगल में संतुलन बनाए रखने के लिए टाइगर शाकाहारी प्रजातियों की संख्या नियंत्रित रखते हैं। इससे वनस्पति संरक्षित रहती है और पूरा पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित बना रहता है। जिन जंगलों में टाइगर हैं, वहाँ वर्षा जल बेहतर तरीके से संरक्षित होता है। घने जंगलों में पानी को रोककर टाइगर्स नदियों और भूजल को भरते हैं। बाघ अप्रत्यक्ष रूप से जंगलों की सुरक्षा करते हैं। देश में टाइगर रिज़र्व पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। इनसे अर्थव्यवस्था को योगदान मिलता है और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी।

जंगल क्यों छोड़ रहे हैं टाइगर?

टाइगर रिज़र्व में क्षमता से ज़्यादा संख्या होना, जंगलों के बीच प्राकृतिक कॉरिडोर का टूटना, सड़क, रेलवे, खनन और शहरी विस्तार से जानवरों के आवास का विखंडन, शिकार योग्य वन्यजीवों की कमी, नए क्षेत्र की तलाश आदि कारणों की वजह से टाइगर जंगल छोड़ रहे हैं।

इन प्रयासों की ज़रूरत

बाघ संरक्षण को बढ़ाने के लिए पुराने वन कॉरिडोर को कानूनी संरक्षण दिलाना, टाइगर रिज़र्व के आसपास बफर क्षेत्र बढ़ाना, गांवों का स्वैच्छिक पुनर्वास तेज़ करना, शिकार योग्य वन्यजीवों की संख्या बढ़ाना, कैमरा ट्रैप, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी मज़बूत करना जैसे उपाय अपनाने चाहिए।