
Bihar Politics: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बने 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन वह बिहार की स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि राज्य का खजाना खाली है और कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। उनके मुताबिक अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
तेजस्वी ने हाल ही में दो अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और मृत अधिकारियों के परिवारों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि अपराधी खुलेआम हत्याएं कर रहे हैं, जबकि बिहार पुलिस उन्हें संरक्षण दे रही है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
देहरी-दालमियानगर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) विमल कुमार के निधन पर तेजस्वी यादव ने कहा, हम दिवंगत अधिकारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़े हैं। हम उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, यह दूसरी ऐसी घटना है। सम्राट चौधरी के पदभार संभालने के मुश्किल से 100-150 दिन ही हुए हैं और इस दौरान दूसरे सरकारी अधिकारी की हत्या हो गई। इससे स्पष्ट है कि सम्राट चौधरी बिहार का प्रशासन संभालने में असफल रहे हैं। राज्य में प्रशासनिक अव्यवस्था फैली हुई है और अपराधी हावी होते दिखाई दे रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर सरकार अपने अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे करेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक अधिकारी के परिजनों ने एलजेपी विधायक सोनू सिंह पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा, परिवार का दावा है कि सोनू सिंह रोजाना फोन कर पीड़ित पर दबाव बनाते थे और बार-बार परेशान करते थे। उनका आरोप है कि मांगें नहीं मानने पर अधिकारी की हत्या कर दी गई।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि सोनू सिंह के खिलाफ अब तक नामजद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने कहा, निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन जब तक नामजद आरोपी सोनू सिंह को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलती, हम चुप नहीं बैठेंगे। हम पीड़ित परिवार से भी मिलेंगे। उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे और न्यायिक निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करते हैं।