
Diwali Fire Safety: दिवाली पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ठाणे जिला प्रशासन ने उड़ते आकाश लालटेन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब जिले में 19 नवंबर तक उड़ते आकाश लालटेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इनके बेचने और भंडारण करने पर भी रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने इस संबंध में निषेधाज्ञा जारी की है।
आदेश के अनुसार 5 नवंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से 19 नवंबर की रात 12 बजे तक जिले के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में उड़ते आकाश लालटेन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला आग की घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए लिया गया है। दरअसल दिवाली के दौरान लोग बड़ी संख्या में आकाश लालटेन उड़ाते हैं। पिछले कुछ साल में बाजार में आग से उड़ने वाले आकाश लालटेन आसानी से मिलने लगे हैं। इनके इस्तेमाल का चलन भी बढ़ा है।
हवा में उड़ने के बाद जब ये आकाश लालटेन जलती हुई हालत में नीचे गिरते हैं तो आसपास की इमारतों, दुकानों और अन्य स्थानों पर आग लगने का खतरा रहता है। पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी खतरे को देखते हुए ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने जिला प्रशासन से इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के दौरान कोई व्यक्ति आकाश लालटेन उड़ाता मिला या कोई व्यापारी इनकी बिक्री अथवा भंडारण करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
दूसरी ओर कल्याण-डोंबिवली में पटाखों की बिक्री को लेकर भी नियमों की अनदेखी सामने आ रही है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सड़कों पर पटाखे बेचना और फोड़ना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई जगहों पर सड़क किनारे और भीड़ वाले क्षेत्रों में पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदार तरह-तरह के छूट के प्रस्ताव भी दे रहे हैं। इस बीच प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बाजार में बिक रहे पटाखों की जांच की। जांच के बाद सभी पटाखों को निर्धारित मानकों के अनुसार पाया गया और विक्रेताओं को प्रमाणपत्र दिए गए।