तमिलनाडु के तंजावुर जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 साल की लड़की गैंगरेप पीड़िता निकली 6 महीने की गर्भवती निकली है। पुलिस ने इस मामले में 7 लड़के गिरफ्तार किया है।
Gang Rape: तमिलनाडु के तंजावुर जिले के अय्यमपेट्टई इलाके में एक 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का क्रूर मामला सामने आया है। पीड़िता की तबीयत खराब होने पर जब उसके माता-पिता उसे कुंभकोणम सरकारी अस्पताल ले गए, तो जांच में पता चला कि वह 6 महीने की गर्भवती है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद माता-पिता की पूछताछ पर लड़की ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उसने कई लड़कों द्वारा बार-बार बलात्कार किए जाने की बात कही।
पीड़िता की दोस्ती 2022 में उसी इलाके के एस. सुरेंद्रन पांडियन (अप्पू) से हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई लेकिन अलग हो गए। 2025 में लड़की पुन्नियानल्लूर के विनायकमुर्ती के बेटे मणिमारन (20 साल) और पशुपति कोविल के कुमार के बेटे सुधन उर्फ जयसुधन (24 साल) के संपर्क में आई। पुलिस जांच में सामने आया कि मणिमारन और जयसुधन ने उसके साथ गैंगरेप किया। इसके अलावा सुरेंद्रन पांडियन, एम. विश्वनाथन, आर. रॉकी उर्फ राकेश, आर. आकाश, एम. षणमुगम और पुन्नियानल्लूर के सरवनन के बेटे अशोक ने भी अपराध में हिस्सा लिया। कुल 7 आरोपी हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर बाल संरक्षण समिति को सूचित किया गया। पीड़िता को पापनासम महिला पुलिस स्टेशन ले जाकर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मणिमारन और जयसुधन को POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। अगले दिन सुरेंद्रन पांडियन सहित बाकी 5 आरोपियों को भी दबोच लिया गया। केवल एम. विश्वनाथन फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पापनासम महिला पुलिस निरीक्षक उषा ने पूछताछ में गैंगरेप की पुष्टि की। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना अय्यमपेट्टई और आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा चुकी है। स्थानीय लोग आरोपी युवकों की सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले को POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया है और जांच तेज कर दी है। यह मामला नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और सोशल मीडिया/दोस्ती के नाम पर हो रहे अपराधों की गंभीरता को उजागर करता है।