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हंसराज कॉलेज में बवाल के बाद 30 स्टूडेंट्स सस्पेंड, 14 पर FIR, DUSU ने कहा- ये प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग

दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के हंसराज कॉलेज (Hansraj College) में वार्षिक उत्सव के दौरान हुई कथित हिंसा और अनुशासनहीनता के बाद 30 स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा 14 स्टूडेंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

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Apr 27, 2026
Hansraj College
हंसराज कॉलेज (File Photo- Patrika)

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में वार्षिक उत्सव के दौरान हुई कथित हिंसा और अनुशासनहीनता को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है। हंसराज कॉलेज में हुए बवाल के बाद 30 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है, जिसमें छात्र संघ के 4 पदाधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन ने 14 स्टूडेंट्स के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा शर्मा (Hansraj College Principal Rama Sharma) की शिकायत पर छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

कॉलेज की प्रिंसिपल ने दर्ज कराई FIR

हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा शर्मा ने 24 अप्रैल को मॉरिस नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत आपराधिक अतिक्रमण और जानबूझकर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। यह मामला इस महीने की शुरुआत में कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई एक हिंसक घटना से जुड़ा है। यह कार्रवाई 8 और 9 अप्रैल को आयोजित कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई कथित हिंसा, दुर्व्यवहार और परिसर व्यवस्था भंग करने की घटनाओं के बाद की गई है। कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान छात्रों की कथित तौर पर परिसर में घुसपैठ करने वाले बाहरी लोगों के साथ हिंसक झड़प हुई थी।

निलंबन के दौरान कॉलेज में प्रवेश की अनुमति नहीं

कॉलेज प्रशासन ने 20 से 25 अप्रैल के बीच स्टूटेंस को नोटिस जारी किए थे। 25 अप्रैल को जारी किए गए एक नोटिस में छात्र संघ के पदाधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित रहने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। नोटिस के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान छात्रों को परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होने की अनुमति है। इस दौरान कॉलेज परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। निलंबन की अवधि स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई है। इसे अंतरिम आदेश बताया गया है, जो अगले निर्देशों तक प्रभावी रहेगा।
कॉलेज प्रशासन ने पहला नोटिस 20 अप्रैल को जारी किया गया, जिसमें एक छात्र पर संस्थान की मानहानि करने और शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद दूसरे नोटिस में 14 छात्रों पर वार्षिक उत्सव के दौरान अनुशासनहीनता, शारीरिक हिंसा और कैंपस व्यवस्था में बाधा डालने के आरोप लगाए गए थे। कुछ नोटिस में स्टूडेंट्स पर सोशल मीडिया पर कॉलेज को बदनाम करने के आरोप भी लगा है।

DUSU ने की कार्रवाई की आलोचना

कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई पर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) ने तीखी आलोचना की है। DUSU ने इसे छात्र लोकतंत्र पर बेशर्म हमला और प्रशासनिक शक्ति का सरासर दुरुपयोग बताया है। DUSU अध्यक्ष आर्यमन साई ने कहा- ये वही चुने हुए प्रतिनिधि हैं, जो छात्रों के अधिकारों के लिए कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन करते हैं। DUSU अध्यक्ष ने पूछा- आखिर इनका अपराध क्या है? सच बोलना? प्रशासनिक विफलताओं को उजागर करना? आर्यमन साई ने आगे कहा- चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज दबाना शासन नहीं, बल्कि भय फैलाना है।

Published on:
27 Apr 2026 11:29 pm