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1 वोट से हारे थे स्टालिन के नेता, अब फ्लोर टेस्ट से पहले विजय को लग सकता है झटका, हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

One vote controversy Tamil Nadu: तमिलनाडु में एक वोट के अंतर से हारे DMK नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन ने मद्रास हाईकोर्ट में TVK के श्रीनिवास सेथुपति की शपथ रोकने की याचिका दायर की। पोस्टल बैलेट गड़बड़ी पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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May 11, 2026
Tamil Nadu CM Vijay
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय (Photo-IANS)

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक वोट के फर्क ने पूरा राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पूर्व सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर टीवीके विधायक श्रीनिवास सेथुपति को एमलए के रूप में शपथ लेने से रोकने की मांग की है। मामला इतना संवेदनशील है कि कोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई की और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।

चुनाव में रोमांचक मुकाबला

शिवगंगा जिले के तिरुप्पत्तुर विधानसभा क्षेत्र में डीएमके के पेरियाकरुप्पन और विजय की पार्टी टीवीएक के श्रीनिवास सेथुपति के बीच कांटे की टक्कर हुई। नतीजे घोषित होने पर सेथुपति को 83,365 वोट मिले जबकि पेरियाकरुप्पन को सिर्फ 83,364 वोट आए। यानी महज एक वोट से स्टालिन के नेता हार गए।

हालांकि, पेरियाकरुप्पन ने हार स्वीकार नहीं किया। उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में दावा किया कि उनके क्षेत्र का एक पोस्टल बैलेट गलती से दूसरे जिले के तिरुप्पत्तुर में चला गया। वहां के रिटर्निंग अधिकारी ने उसे खारिज कर दिया। अगर यह वोट सही जगह गिना जाता तो नतीजा पलट सकता था।

कोर्ट ने चुनाव आयोग को घेरा

मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस एल विक्टोरिया गोवरी और जस्टिस एन सेंथिल कुमार की बेंच ने रविवार को इस याचिका पर लंबी सुनवाई की। कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया- जब वोट का मुद्दा है तो आप फंक्टस ऑफिसियो (काम पूरा हो गया) कैसे कह सकते हैं? आयोग को सोमवार तक इस पर रिपोर्ट देने को कहा था। आयोग की ओर से जवाब मिलने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने पेरियाकरुप्पन की तरफ से दलील दी कि एक वोट के अंतर में पोस्टल बैलेट की गलती बहुत बड़ी है। इसे गिना जाना चाहिए। वहीं टीवीके उम्मीदवार की तरफ से वकीलों ने कहा कि यह मुद्दा चुनाव याचिका में उठाया जा सकता है, रिट पेटिशन में नहीं।

तिरुप्पत्तुर का कन्फ्यूजन

तमिलनाडु में दो तिरुप्पत्तुर हैं - एक सिवागंगा जिले में (नंबर 185) और दूसरा तिरुप्पत्तुर जिले में (नंबर 50)। यही नाम का कन्फ्यूजन पोस्टल बैलेट की गलती का कारण बना। डीएमके नेता का कहना है कि उनके क्षेत्र का बैलेट गलत जगह पहुंचा और वापस नहीं भेजा गया।

यह मामला सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है। टीवीके की सरकार बनाने की कोशिशों और विधानसभा में विश्वास मत के बीच यह एक वोट पूरे समीकरण बदल सकता है। कोर्ट ने फिलहाल सेथुपति के शपथ लेने पर रोक नहीं लगाई है, इस मामले में आयोग के जवाब के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

Updated on:
11 May 2026 04:09 pm
Published on:
11 May 2026 04:09 pm