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शशि थरूर का बड़ा दावा: SIR ने बंगाल में BJP को दिलाई जीत, केरल में कांग्रेस को फायदा

BJP West Bengal Victory 2026: केरल के बारे में थरूर ने कहा कि डुप्लिकेट मतदाता पंजीकरण हटाने से राज्य में कांग्रेस को फायदा हो सकता है।
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कांग्रेस नेता शशि थरूर (सोर्स: ANI)

Shashi Tharoor on Bengal Results: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का राज खत्म हो गया है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई है। शुभेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शनिवार 9 मई को शपथ ले ली है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पर चिंता जताई है। थरूर ने कहा कि बंगाल में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से लगभग 91 लाख नाम हटा दिए गए। इनमें से लगभग 34 लाख लोगों ने अपील की और कहा कि वे वास्तविक मतदाता हैं।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मतदान से पहले इनमें से केवल कुछ ही अपीलों की जांच की गई थी, जबकि मतदान के समय अधिकांश अपीलें अनसुलझी ही रहीं। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के 2026 चुनावों में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। टीएमसी को चुनावों में 80 सीटें मिलीं।

एसआईआर को लेकर उठाए सवाल

स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान 'इंडिया, दैट इज भारत' गोलमेज सम्मेलन में बोलते हुए थरूर ने कहा कि एसआईआर के मामले में मैंने जो कहा है, वह एक जायज सवाल है जिसका जवाब देना ज़रूरी है। बंगाल का मामला देखिए। 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उनमें से 34 लाख जीवित व्यक्तियों ने अपील की है, उनका कहना है कि वे जीवित हैं और उन्हें वोट देने का पूरा अधिकार है।

32 लाख लोग वोट देने से चूक गए

कांग्रेस सांसद ने कहा कि नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मामले का अलग-अलग निपटारा होना चाहिए, इसलिए मतदान से पहले केवल कुछ सौ मामलों का ही निपटारा हो सका। आज तक, लगभग 31-32 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें सुनवाई जारी रहने के दौरान आने वाले वर्षों में वैध मतदाता पाया जा सकता है, लेकिन वे वोट देने का मौका चूक गए हैं। थरूर ने लंबित मतदाता अपीलों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा की लगभग 30 लाख वोटों की जीत का अंतर अनसुलझी मतदाता अपीलों की संख्या के लगभग बराबर है।

'फर्जी मतदाताओं को हटाने से कोई आपत्ति नहीं'

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने बंगाल में 30 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की। ​​अब आप ही बताइए, क्या यह पूरी तरह से निष्पक्ष और लोकतांत्रिक है? यही सवाल मैं पूछता हूं। सच कहूं तो, मुझे फर्जी, हटाए गए, अनुपस्थित या पलायन कर चुके मतदाताओं को हटाने में कोई आपत्ति नहीं है।

एसआईआर से कांग्रेस को केरल में फायदा

हालांकि, केरल के बारे में थरूर ने कहा कि डुप्लिकेट मतदाता पंजीकरण हटाने से राज्य में कांग्रेस को फायदा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अतीत में दोहरे, तिहरे और यहां तक ​​कि कई मतदाता पंजीकरण के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि खासकर केरल में मुझे लगता है कि कांग्रेस को नाम हटाने से फायदा हुआ क्योंकि सीपीएम लंबे समय से दोहरी, तिहरी, चौगुनी नामांकन प्रक्रिया में माहिर थी – एक ही व्यक्ति चार अलग-अलग बूथों पर नामांकन कराता था। ऐसा होता रहता था। इसलिए उन्हें एसआईआर के जरिए हटा दिया गया। जैसा कि आपने कहा कि केरल और तमिलनाडु में बहुत कम अपीलें आईं।