राष्ट्रीय

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! पार्टी सांसद काकोली घोष ने बारासात डिस्ट्रिक्ट कमेटी प्रेजिडेंट पद से दिया इस्तीफा

TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार, संगठनात्मक दबाव और आईपैक की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हाल ही में केंद्र सरकार ने उन्हें 'Y' श्रेणी की सुरक्षा भी दी है।
2 min read
May 24, 2026
TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar
टीएमसी सांसद काकोली घोष

TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात डिस्ट्रिक्ट पार्लियामेंट्री कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक काकोली घोष कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाती थीं। लेकिन पिछले कुछ समय में दोनों के बीच दूरी बढ़ने की चर्चाएं लगातार चल रही थीं। हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप पद से हटा दिया था। इस फैसले से भी काकोली काफी नाराज थीं।

काकोली घोष ने क्या कहा?


इस्तीफे के बाद काकोली घोष ने एक पत्र जारी कर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराध और भ्रष्टाचार की घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर और सवाल पैदा कर दिए हैं। उनके मुताबिक राजनीति में जवाबदेही, शालीनता और लोगों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब राजनीति में आदर्शवाद और साफ छवि वाले लोगों को महत्व मिलेगा।

राज्य में विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर उन्होंने चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से हटने की बात कही। साथ ही ममता बनर्जी से अपील की कि पार्टी को पुराने और ईमानदार कार्यकर्ताओं के साथ फिर से मजबूती से खड़ा करना चाहिए। काकोली ने यह भी कहा कि पार्टी की छवि सुधारने के लिए संगठनात्मक बदलाव जरूरी हैं।

आईपैक पर उठाये सवाल


अपने बयान में उन्होंने चुनावी रणनीति तैयार करने वाली संस्था आईपैक पर भी गंभीर सवाल उठाए। काकोली का कहना था कि चुनाव के दौरान संगठन के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया। उन पर दबाव बनाया गया और काम करने का तरीका भी सही नहीं था। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जिस तरह से यह संस्था काम कर रही है, उसका असर आगे दूसरे चुनावों में भी दिखाई दे सकता है।

बीजेपी से बढ़ी है नजदीकी


आपको बता दें कि काकोली घोष दस्तीदार को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई थी। गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें यह सुरक्षा उपलब्ध कराई है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF के पास है। ‘Y’ कैटेगरी में आमतौर पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की टीम चौबीस घंटे सुरक्षा में तैनात रहती है।

Updated on:
24 May 2026 09:10 pm
Published on:
24 May 2026 09:03 pm