
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पार्टी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले और 20 बागी सांसदों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग रखी।
स्पीकर को उन्होंने दो अलग-अलग चिट्ठियां सौंपीं, जिसमें बागियों की सदस्यता रद्द करने के साथ-साथ पार्टी सांसदों की सीटिंग व्यवस्था में किए गए बदलावों को भी वापस लेने की अपील की गई है।
सुबह करीब 11:15 बजे अभिषेक बनर्जी स्पीकर के चैंबर में पहुंचे। मुलाकात करीब 20 मिनट चली। सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक ने पार्टी के पुराने याचिकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बागी सांसदों के खिलाफ फैसला लंबित है और इसे जल्द निपटाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सांसद पार्टी के खिलाफ गए हैं, इसलिए उन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। दूसरी चिट्ठी में संसद में तृणमूल सांसदों की बैठने की जगह में किए गए बदलावों पर सवाल उठाया गया।
अभिषेक ने कहा कि बिना वजह सीटिंग में फेरबदल किया गया, जिससे पार्टी की एकजुटता पर असर पड़ रहा है। सूत्र बताते हैं कि स्पीकर ओम बिरला ने इस मुद्दे पर कोई साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने अभिषेक की बातों को ध्यान से सुना, लेकिन फैसले के बारे में कुछ नहीं कहा।
अब सबकी नजर स्पीकर के अगले कदम पर टिकी हुई है। अगर स्पीकर ने बागी सांसदों को अयोग्य ठहराया तो तृणमूल कांग्रेस को बड़ी राहत मिलेगी और विपक्षी दलों में भी चर्चा तेज हो जाएगी।
दरअसल, कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद पार्टी से अलग होकर एक क्षेत्रीय पार्टी में शामिल हो गए। टीएमसी ने इस पर एक्शन लिया और उनके खिलाफ डिसक्वालिफिकेशन की याचिका दाखिल कर दी।
अभिषेक बनर्जी लंबे समय से इस मामले को लेकर सक्रिय हैं। उनका मानना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी की साख को नुकसान पहुंचेगा।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में विवाद चल रहा है। 60 से अधिक विधायक भी अलग गुट बनाकर बागी हो गए हैं। जिसे ऋतब्रत बनर्जी लीड कर रहे हैं।