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TMC के बागी सांसदों को लगा बड़ा झटका, लोकसभा में अलग दल की नहीं मिली पहचान

ममता बनर्जी का पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को बड़ा झटका लगा है। NCPI के इन सांसदों को लोकसभा में अलग दल की पहचान नहीं मिली है। वहीं एनडीए की संसदीय दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। 
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भारत

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Ashib Khan

Jul 21, 2026

Lok Sabha rejects NCPI separate group

टीएमसी के बागी सांसदों को लगा झटका (Photo-IANS)

ममता बनर्जी का पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को बड़ा झटका लगा है। NCPI के इन सांसदों को लोकसभा में अलग दल की पहचान नहीं मिली है। वहीं एनडीए की संसदीय दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। दरअसल, टीएमसी से बागी होकर सांसदों ने एनसीपीआई में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने सदन में अलग से बैठने की व्यवस्था करने की भी मांग की थी। 

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी में अंदरूनी कलह सामने आई थी। पार्टी विधानसभा से लेकर संसद तक टूट गई। विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में करीब 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया। 

वहीं दूसरी तरफ संसद में पार्टी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए। पार्टी से इस्तीफा देकर ये सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए। साथ ही बागी सांसदों ने सदन में एनडीए का समर्थन देने की भी बात कही थी। बागी सांसदों में सायनी घोष और युसुफ पठान भी शामिल है।

विपक्ष ने किया था विरोध 

बता दें कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले मोदी सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें टीएमसी के बागी सांसदों के शामिल होने पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया था और बैठक से वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी दल बैठक में शामिल हो गए थे। 

मानसून का आज दूसरा दिन

संसद के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज भी हंगामे के आसार नजर आ रहे है। दरअसल, सत्र के पहले दिन हंगामे के चलते सदन का कार्यवाही कई बार स्थगित हुई थी। लोकसभा को छह और राज्य सभा को पांच बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरा। वह नारेबाजी करते हुए वेल में भी दाखिल हुए।

कांग्रेस सासंद रेणुका चौधरी ने लगाया आरोप

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने मंगलवार को संसद में नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर आरोप लगाया कि संसद परिसर के कई गेट बंद कर दिए गए और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। उनका कहना है कि इससे सांसदों को संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे नागरिकों से मिलने से रोका गया।

नोट- खबर अपडेट की जा रही है।