ममता बनर्जी की करीबी शशि पांजा ने ईवीएम रूम खोले जाने के मामले पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाया है। जानिए क्या है पूरा मामला...
विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में तनाव चरम पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता के स्ट्रॉन्ग रूम (Kolkata strong room controversy) में संदिग्ध गतिविधि का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सीसीटीवी में कुछ लोग पोस्टल बैलट के गुलाबी लिफाफों के साथ छेड़छाड़ करते दिखे, जबकि वहां कोई राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इस मुद्दे पर टीएमसी नेता और मंत्री शशि पांजा ने पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलट अलग करने का काम बिना किसी पार्टी को बताए क्यों शुरू किया गया? ईवीएम वाला कमरा (EVM security issue) खोला गया तो एजेंटों को क्यों नहीं बुलाया? यह बड़ी लापरवाही है।
शशि पांजा ने बताया कि कैमरा नंबर 17 पर साफ दिख रहा था कि सील किए गए कमरे में कुछ लोग अंदर हैं। दरवाजा खुला था और गुलाबी लिफाफे वाले बैलट नजर आ रहे थे। टीएमसी के एजेंटों ने इसे देखते ही विरोध दर्ज कराया। पांजा ने कहा कि अगर दूसरे दल भी विरोध करते तो हम चुप रहते। लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। इसलिए हमने आवाज उठाई। चुनाव आयोग कह रहा है कि उन्होंने ईमेल भेजा था, लेकिन हमें पहले क्यों नहीं बताया गया? यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं लग रही। टीएमसी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और दावा किया कि भाजपा और केंद्र की ताकतें मिलकर कुछ गड़बड़ी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (mamata banerjee) खुद भबानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम के पास पहुंची। भबानीपुर सीट पर उनका मुकाबला भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से है। ममता ने कहा कि सीसीटीवी पर जब मैंने देखा तो मुझे लगा कि जाकर खुद जांचनी चाहिए। कई जगहों पर ईवीएम से छेड़छाड़ की खबरें आ रही हैं। शुरू में सेंट्रल फोर्स ने अंदर जाने नहीं दिया, लेकिन नियम के मुताबिक उम्मीदवार और एजेंट सील रूम तक जा सकते हैं। ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारा एजेंट गिरफ्तार हो गया, फिर भी एकतरफा रवैया चल रहा है। अगर कोई ईवीएम चुराने या गिनती में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो हम जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की और कहा कि जीत पक्की है।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया। ईसीआई ने स्पष्ट किया कि मुख्य ईवीएम वाले कमरे जहां ईवीएम रखे हैं, वे पूरी तरह सील और सुरक्षित हैं। जो गतिविधि दिख रही थी, वह अलग कमरे में पोस्टल बैलट को विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से अलग करने का सामान्य काम था। आयोग ने कहा कि इसकी जानकारी पार्टियों को ईमेल से पहले ही दे दी गई थी। सभी स्ट्रॉन्ग रूम को उम्मीदवारों, एजेंटों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बंद किया गया था।
इस बीच, पश्चिम बंगाल में दो चरणों की वोटिंग में रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत वोट पड़े, जो महिलाओं में और ज्यादा (92.28%) था। यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। ज्यादातर एग्जिट पोल में भाजपा को भारी बढ़त दिखाई गई है। चाणक्य स्ट्रेटेजीज ने अनुमान लगाया है कि भाजपा 150-160 सीटें जीत सकती है, जबकि टीएमसी के हाथ से सत्ता खिसक सकती है। टीएमसी ने इन एग्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बंगाल दिल्ली और गुजरात के बाहरियों के आगे नहीं झुकेगा। भाजपा और केंद्र की ताकतों की हर गलती का हिसाब मतदान के बाद लिया जाएगा। चुनाव गिनती 4 मई को होनी है। फिलहाल कोलकाता समेत पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने तरीके से स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी कर रहे हैं।