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‘सबको बेवकूफ समझती हैं’, CM रेखा गुप्ता की स्कूलों को दी गई वॉर्निंग पर भड़के सौरभ गुप्ता

दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म और किताबों की अनिवार्य खरीद तथा फीस बढ़ोतरी को लेकर विवाद बढ़ गया है। आप नेता ने सीएम की चेतावनी के समय पर सवाल उठाए हैं।

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AAP vs BJP

रेखा गुप्ता की स्कूलों को दी वॉर्निंग पर भड़के सौरभ गुप्ता

AAP vs BJP: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस और अनिवार्य खरीद को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हर साल सत्र शुरू होने से पहले अभिभावकों पर बढ़ते खर्च का दबाव चर्चा में रहता है, जहां उन्हें महंगी फीस, मनमाने वार्षिक शुल्क, और स्कूल द्वारा तय की गई दुकानों से किताबें, यूनिफॉर्म व स्टेशनरी खरीदने का दबाव झेलना पड़ता है। इसको लेकर राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को स्कूलों को चेतावनी दी, लेकिन शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता के वॉर्निंग देने के समय पर सवाल खड़े किए हैं।

रेखा गुप्ता ने क्या दी वॉर्निंग?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एक वीडियो डालकर प्राइवेट स्कूलों को साफ-साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल पेरेंट्स को मजबूर नहीं कर सकता कि वे किताबें, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी किसी खास दुकान से ही खरीदें। अगर ऐसा किया गया तो स्कूल के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि वो कभी भी किसी भी स्कूल में अचानक चेकिंग कर सकती हैं और अगर नियम टूटते मिले तो तुरंत कार्रवाई होगी।

सौरभ भारद्वाज का वॉर्निंग पर रिएक्शन

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस वॉर्निंग के टाइमिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने पोस्ट पर लिखा कि रेखा गुप्ता सब को मूर्ख समझती हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि जब स्कूल सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है और ज्यादातर पेरेंट्स पहले ही किताबें, यूनिफॉर्म और बाकी सामान खरीद चुके हैं, तब ऐसी चेतावनी देने का क्या फायदा? उनके अनुसार, स्कूल अक्सर पेरेंट्स पर दबाव डालते हैं कि वे किताबें, यूनिफॉर्म और बाकी सामान सिर्फ तय की गई दुकानों से ही खरीदें। इसकी वजह से परिवारों को काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। उनका कहना है कि कई बार ये खर्च 15,000 रुपये तक पहुंच जाता है।

फीस बढ़ोतरी पर कार्रवाई की मांग

सौरभ ने ये भी कहा कि प्राइवेट स्कूलों ने इस साल और पिछले साल फीस में करीब 80% तक बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि सरकार काफी समय से एक्शन लेने की बात तो कर रही है, लेकिन अब तक किसी भी स्कूल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। भारद्वाज ने आगे कहा कि सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होगा, सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि फीस पर कंट्रोल हो और सब कुछ साफ-साफ (पारदर्शी) रहे, जिससे पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिल सके।