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TMC से इस्तीफा देने के बाद सुखेंदु शेखर का पहला बयान, कहा- सत्ता का नशा उनके दिमाग पर हावी था

राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने के बाद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि सत्ता का नशा TMC के सिर पर इस कदर चढ़ गया था कि उन्हें लगने लगा था कि दुनिया में कोई भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

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Sukhendu Sekhar Roy
Sukhendu Sekhar Roy

Sukhendu Sekhar Roy Resigns TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी का सामने करने वाली ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। INDIA गठबंधन की बैठक से पहले ही तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के 14 बागी सांसद दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी से मुलाकात कर रहे हैं। ये मुलाकात बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर हो रही है।

दिमाग पर सत्ता का नशा था हावी

टीएमसी छोड़ने के बाद सुखेंदु शेखर ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि टीएमसी नेताओं के दिमाग पर सत्ता का नशा सवार था। उन्हें लगता था कि कोई भी उन्हें छू नहीं सकता।

अपने पैर जमीन पर नहीं रखते थे लोग

सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि प्रदेश में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। आम जनता ने बीजेपी को दिल खोलकर समर्थन दिया है। मतदान के मामले मे सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम हुआ है। करारी हार झेलने के बाद टीएमसी को कोई चिंतन नहीं हुआ। 15 साल तक जब ये लोग सत्ता में थे तो इनके पास जाना मुश्किल था। ये लोग अपने पैर जमीन पर नहीं रखते थे।

घरों में स्वीमिंग पूल से विदेशी पक्षी

ममता बनर्जी की पार्टी पर आरोप लगतो हुए सुखेंदु शेखर ने कहा कि टीएमसी के आम कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना एक करके वाम दलों से लड़ाई की, लेकिन वो लोग पीछे चले गए। दलाल लोग, चोर, डकैत, रेपिस्ट सब सामने आ गए। आज गांव में सबसे बड़ा मकान किसका है? पंचायत लीडर का। इनके घरों में सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेगी। इनके मकान में स्वीमिंग पूल से लेकर विदेशी पक्षी भी मौजूद है।

आरजी कर कांड और अंदरूनी भ्रष्टाचार बना वजह

सूत्रों के अनुसार, सुखेंदु शेखर रॉय पिछले काफी समय से कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई महिला डॉक्टर की दर्दनाक घटना और राज्य में फैले प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाए हुए थे। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने जनता के विश्वास को पूरी तरह तोड़ दिया। राजनीति में अपने 59 वर्षों के लंबे अनुभव का हवाला देते हुए रॉय ने कहा कि वे ऐसे दमघोंटू माहौल में और अधिक समय तक काम नहीं कर सकते थे, जिसके चलते उन्होंने अलग होने का फैसला किया। उनके इस कदम के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि टीएमसी के कई अन्य सांसद भी जल्द ही पार्टी से दूरी बना सकते हैं।

Published on:
08 Jun 2026 03:20 pm