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NEET-UG 2026: 21 जून तक लॉकडाउन! NEET पेपर बनाने वालों को री-एग्जाम तक रखा जाएगा आइसोलेट

NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त कर दी गई है। पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों को गुप्त स्थान पर रखा गया है और सोशल मीडिया से लेकर पेपर ट्रांसपोर्ट तक हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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नई दिल्ली

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Harshita Saini

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Updated: 8 Jun 2026, 2:42 PM IST

NEET-UG 2026

नीट-री एग्जाम तक रहेगी सख्ती (Photo-IANS)

NEET UG 2026 Re Exam: NEET UG 2026 की री-एग्जाम को लेकर इस बार सरकार कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। हाल ही में नीट पेपर लीक को लेकर हुए विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। जानकारी के अनुसार पेपर तैयार करने, उसकी जांच करने और अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद करने वाले सभी विशेषज्ञों को एक गुप्त और सुरक्षित जगह पर रखा गया है। वहां उनके मोबाइल, इंटरनेट और बाहरी लोगों से संपर्क पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि परीक्षा से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी बाहर न जा सके।

21 जून तक रहेगा लॉकडाउन

अधिकारियों के अनुसार पेपर तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स, मॉडरेटर और अनुवादकों को एक बेहद सुरक्षित जगह पर रखा गया है। उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और दूसरे डिजिटल गैजेट्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इंटरनेट चलाने और बाहरी लोगों से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं है। वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है और सिर्फ अधिकृत कर्मचारियों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। यह सख्त व्यवस्था 21 जून को परीक्षा खत्म होने तक जारी रहेगी।

पेपर बनने से लेकर परीक्षा केंद्र तक कड़ी निगरानी

इस बार सिर्फ पेपर तैयार करने पर ही नहीं, बल्कि उसे छापने, पैक करने, सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर भी खास नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर काम को अलग-अलग टीमों में बांटा गया है, ताकि किसी एक व्यक्ति के पास पूरी जानकारी न हो। इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। सरकार की कोशिश है कि परीक्षा से जुड़ा हर कदम पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहे।

वायुसेना की मदद से पहुंच सकते हैं प्रश्नपत्र

इस बार पेपर को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने पर भी पूरा फोकस कर रही है। बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना की मदद भी ली जा सकती है, ताकि रास्ते में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। वहीं सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि फर्जी पेपर या अफवाहें फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सरकार की कोशिश है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि लाखों छात्रों का भरोसा बना रहे और उनकी मेहनत पर कोई सवाल न उठे।

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