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शुभेन्दु अधिकारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने दायर की चुनाव याचिका, खुद सत्यापन के लिए पहुंचीं कलकत्ता हाईकोर्ट

TMC MP Kalyan Banerjee: टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी कलकत्ता हाई कोर्ट में शुभेन्दु अधिकारी के चुनाव को चुनौती देते हुए दायर की गई अपनी चुनाव याचिका की पुष्टि कराने आई थीं।
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TMC MP Kalyan Banerjee
TMC सांसद कल्याण बनर्जी (फोटो-ANI)

TMC MP Kalyan Banerjee Advocate Statement: कलकत्ता हाईकोर्ट के परिसर से एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी हलचल सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और जाने-माने अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद हाईकोर्ट पहुंचकर अपनी उस चुनाव याचिका का सत्यापन किया है, जिसमें भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।

चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

कल्याण बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह चुनाव पूरी तरह से अनुचित और अनैतिक तरीके से संपन्न कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के दौरान 12वें राउंड की गिनती के बाद ममता बनर्जी और उनके चुनाव एजेंट के साथ मारपीट की गई और उन्हें वहां से जबरन बाहर निकाल दिया गया।

इसके साथ ही टीएमसी सांसद ने चुनाव अधिकारियों की निष्पक्षता और उनकी भूमिका को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाया कि साल 2021 के ऐतिहासिक नंदीग्राम चुनाव में जो अधिकारी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) थे, उन्हें ही फिर से साल 2026 के चुनाव में आरओ बनाकर क्यों लाया गया?

चुनाव के बाद मुख्य निर्वाचयन अधिकारी को किया प्रमोट

उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों को बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में डिप्टी सेक्रेटरी जैसे मलाईदार पदों से नवाजा गया। इसके अलावा, चुनाव के तुरंत बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रमोट करके मुख्य सचिव (Chief Secretary) बना दिया गया। कल्याण बनर्जी के मुताबिक, इन अधिकारियों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थीं, जिससे साफ तौर पर चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात की आशंका नजर आती है। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मामला अब कोर्ट में है, इसलिए इंतजार करिए कि आगे क्या होता है।

'40 साल से वकालत के पेशे में हूं'

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से काकोली घोष दस्तीदार की शिकायत पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर मैं आदतन ऐसा करने वाला व्यक्ति हूं, तो क्या मैंने आपके साथ कुछ गलत किया? क्या मैंने कभी आपका अपमान किया? मैं लगभग 40 साल से वकालत के पेशे में हूं। जो व्यक्ति संसद तक नहीं आता, वह मेरे खिलाफ बोल रहा है। यह उनका निजी पूर्वाग्रह है। दस्तीदार के बेटे की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे वह नोटिस नहीं मिला है।

Updated on:
16 Jun 2026 05:49 pm
Published on:
16 Jun 2026 05:08 pm