राष्ट्रीय

‘NCPI वास्तव में कोई पार्टी ही नहीं है’, 20 सांसदों के बगावत करने पर बोले TMC सांसद सौगत राय

West Bengal Political Crisis: TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि NCPI असल में कोई पार्टी नहीं है। 20 TMC सांसद दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए NCPI खेमे में शामिल हुए हैं।

2 min read
Jun 17, 2026
TMC MP Saugata Roy
टीएमसी सांसद सौगता रॉय (फोटो- एएनआई)

TMC MP Saugata Roy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी को एक के बाद एक बड़ा झटका लग रहा है। 15 साल सत्ता में रहने के बाद एक महीने में ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस टूट गई। 60 सांसदों ने पाला बदल लिया है। इनमें से 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए है। अब टीएमसी के बागी सांसदों को लेकर कोलकाता से दिल्ली तक राजनीति घमासान मचा हुआ है।

20 TMC सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिज़ंस पार्टी ऑफ़ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि NCPI असल में कोई पार्टी नहीं है। ये सांसद दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए NCPI खेमे में शामिल हुए हैं।

बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

पार्टी टूट के पीछे टीएमसी बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रही है। सौगत रॉय ने कहा कि यह ध्यान भटकाने की चाल है। BJP के सहयोगी ठीक यही कर रहे हैं। उनके पास अपना कोई काम नहीं है, इसलिए वे विपक्ष को निशाना बनाते रहते हैं। यही उनका एजेंडा है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) असल में कोई पार्टी नहीं है। वे सांसद दलबदल विरोधी कानून के दायरे में आते हैं।

उदयन गुहा की गिरफ्तारी बदले की भावना

पूर्व मंत्री उदयन गुहा की गिरफ्तारी पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उदयन गुहा की गिरफ्तारी बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। BJP सरकार यही कर रही है। वे कोई वास्तविक काम नहीं कर रहे हैं और इसके बजाय विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। यही उनके काम करने का तरीका है और वे इसी रवैये को अपनाए हुए हैं।

लोकसभा स्पीकर की जमकर की तारीफ

लोकसभा स्पीकर द्वारा ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC के सांसदों को बैठक के लिए बुलाए जाने पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह अच्छी बात है। निष्पक्ष रहना स्पीकर का कर्तव्य है। असंतुष्ट सांसदों के पत्र देने से पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने पत्र दिया था। मैंने सुना है कि स्पीकर ने तृणमूल कांग्रेस को भी उनके सांसदों से मिलने के लिए पत्र लिखा है। मुझे नहीं पता कि तृणमूल कांग्रेस को यह पत्र मिला या नहीं।

काकोली घोष पर बोला हमला

उन्होंने आगे कहा कि ममता के खिलाफ इस बगावत की अगुवाई कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार का काम उन लोगों को बदनाम करना है जो ममता बनर्जी के साथ हैं। यही वजह है कि वह कल्याण बनर्जी के खिलाफ बोल रही हैं। पार्टी छोड़ने वालों के बीच कई विरोधाभास हैं। उनमें से कुछ अलग गुट बनाना चाहते हैं, कुछ BJP में शामिल होना चाहते हैं, तो कुछ NCPI में शामिल हो गए हैं। हम एक ही गुट के भीतर अलग-अलग राय देख सकते हैं।

Updated on:
17 Jun 2026 05:59 pm
Published on:
17 Jun 2026 05:19 pm