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टीएमसी के बागी गुट का बड़ा ऐलान, मीटिंग के बाद बिप्लब मित्रा बने नए अध्यक्ष

बागी गुट तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में बड़ा फेरबदल देखने को मिला। बिप्लब मित्रा को पश्चिम बंगाल TMC का अध्यक्ष और चंद्रिमा भट्टाचार्य को ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है।
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Jul 10, 2026
Ritabrata Banerjee
टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी। सोर्स: ANI

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने संगठन में बड़ा बदलाव किया। वरिष्ठ नेता बिप्लब मित्रा को पश्चिम नया अध्यक्ष घोषित किया। यह फैसला बागी गुट की नेशनल वर्किंग कमेटी (NWC) की बैठक में लिया। बैठक के बाद गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने संगठन में कई नई नियुक्तियों का भी ऐलान किया। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला और चुनाव आयोग को सभी जरूरी दस्तावेज समय पर सौंपने का दावा किया।

NWC बैठक में हुए कई अहम फैसले

ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को नेशनल वर्किंग कमेटी में शामिल करते हुए ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। वहीं, पहले से एनडब्ल्यूसी के सदस्य रहे बिप्लब मित्रा को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसके बाद कमेटी ने सर्वसम्मति से उन्हें पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुन लिया।

इसके अलावा जावेद अमित खान को पार्टी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया। वहीं, विधायक अनीसुर रहमान को तृणमूल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष और सौरव बसु को यूथ संगठन का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों को जमींदार कहते हैं, उनके व्यवहार का लोकतंत्र से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ नेता लगातार जनता के बीच जा रहे हैं, जबकि कुछ नेता लोगों का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंडे फेंके जाने के डर से जनता के बीच न जाने की बात करना लोकतांत्रिक राजनीति के अनुरूप नहीं है।

चुनाव आयोग को दस्तावेज सौंपने का दावा

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करा दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है और चुनाव आयोग का फैसला उनके पक्ष में आएगा।

राज्य की राजनीति में बढ़ी हलचल

बागी गुट की इस बैठक को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। इससे एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद- सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हो गए थे। ऐसे में राज्य की राजनीति में जारी उठापटक और तेज हो गई है। बागी गुट के संगठनात्मक फेरबदल और भाजपा में नेताओं के शामिल होने से आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

Updated on:
10 Jul 2026 10:20 pm
Published on:
10 Jul 2026 09:55 pm