
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने संगठन में बड़ा बदलाव किया। वरिष्ठ नेता बिप्लब मित्रा को पश्चिम नया अध्यक्ष घोषित किया। यह फैसला बागी गुट की नेशनल वर्किंग कमेटी (NWC) की बैठक में लिया। बैठक के बाद गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने संगठन में कई नई नियुक्तियों का भी ऐलान किया। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला और चुनाव आयोग को सभी जरूरी दस्तावेज समय पर सौंपने का दावा किया।
ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को नेशनल वर्किंग कमेटी में शामिल करते हुए ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। वहीं, पहले से एनडब्ल्यूसी के सदस्य रहे बिप्लब मित्रा को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसके बाद कमेटी ने सर्वसम्मति से उन्हें पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुन लिया।
इसके अलावा जावेद अमित खान को पार्टी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया। वहीं, विधायक अनीसुर रहमान को तृणमूल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष और सौरव बसु को यूथ संगठन का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों को जमींदार कहते हैं, उनके व्यवहार का लोकतंत्र से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ नेता लगातार जनता के बीच जा रहे हैं, जबकि कुछ नेता लोगों का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंडे फेंके जाने के डर से जनता के बीच न जाने की बात करना लोकतांत्रिक राजनीति के अनुरूप नहीं है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करा दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है और चुनाव आयोग का फैसला उनके पक्ष में आएगा।
बागी गुट की इस बैठक को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। इससे एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद- सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हो गए थे। ऐसे में राज्य की राजनीति में जारी उठापटक और तेज हो गई है। बागी गुट के संगठनात्मक फेरबदल और भाजपा में नेताओं के शामिल होने से आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।