Kamal Haasan: कमल हासन ने डोनाल्ड ट्रंप Donald Trump को कड़े शब्दों में पत्र लिख कर कहा है कि भारत एक स्वतंत्र देश है और किसी का गुलाम नहीं है। अमेरिका भारत के आंतरिक मामलों और तेल नीति में दखल न दे और अपने काम से काम रखे।
Warning : दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और राजनीतिक हस्ती कमल हासन (Kamal Haasan) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )को एक खुला पत्र (Open Letter) लिख कर कहा कि उन्होंने भारत की संप्रभुता (India sovereignty) पर सीधा प्रहार किया है। पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि भारत एक आजाद और स्वतंत्र देश है, जो अब दूरदराज की विदेशी सरकारों के आदेशों का पालन नहीं करता। यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने भारत को रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। कमल हासन ने इसे हस्तक्षेप बताते हुए ट्रंप से अपील की कि वे अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान दें। इस घटना ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है।
कमल हासन ने पत्र में लिखा, "हम भारतीय एक स्वतंत्र राष्ट्र के लोग हैं। हम अब दूर के विदेशी तटों से आने वाले आदेशों को नहीं मानते। कृपया अपनी क्षमता के अनुसार अपने काम संभालें।" यह पत्र ट्रंप के हालिया बयानों के जवाब में लिखा गया, जहां उन्होंने भारत की ऊर्जा नीतियों पर टिप्पणी की थी। पत्र को कमल हासन ने फेसबुक पर पोस्ट किया, जो जल्दी ही वायरल हो गया। कमल ने जोर देकर कहा कि संप्रभु राष्ट्रों के बीच आपसी सम्मान ही शांति की कुंजी है। ये तथ्य दक्षिणी मीडिया के फोकस को दिखाते हैं, जहां कमल हासन को एक सांस्कृतिक आइकन के रूप में देखा जाता है।
ट्विटर (अब एक्स) पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर @maneeshsaxena ने लिखा: "कमल हासन ने @POTUS डोनाल्ड ट्रंप को मजबूत ओपन लेटर लिखा: 'हम भारतीय स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के हैं। दूर के विदेशी तटों से आदेश नहीं लेते। कृपया अपने काम संभालें।' सम्मान!" वहीं, @kinnitimes28 का ट्वीट वीडियो के साथ है: "आजाद भारत, अटल इरादे! सुपरस्टार कमल हासन का ट्रंप को खुला खत, इंटरनेट पर मचा बवाल!" एक यूजर ने लिंक शेयर करते हुए कहा: "कमल हासन ने ट्रंप को लेटर लिख सुनाई खरी-खोटी, कहा- अपने काम से काम रखो।" ये ट्वीट्स दिखाते हैं कि नेटिजेंस भारत की स्वतंत्रता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन मिले-जुले हैं, लेकिन ज्यादातर कमल हासन के पक्ष में। कई यूजर्स ने इसे 'राष्ट्रीय गौरव' का प्रतीक बताया। एक यूजर ने लिखा: "कमल हासन ने अमेरिका की 30-दिन की छूट पर ट्रंप को आड़े हाथों लिया, कहा भारत संप्रभु है।" वहीं, कुछ ने इसे राजनीतिक स्टंट कहा। पुराने ट्वीट में @1shankarsharma ने अमेरिका पर तंज कसा: "अमेरिका भारत को जीविका नहीं देता। बात खत्म।" कुल मिलाकर, #KamalHaasan और #IndiaSovereignty हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, लाखों इंप्रेशन के साथ।
ट्रंप की ओर से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया, लेकिन व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इसे 'दोस्ताना सलाह' बताया। भारत सरकार ने चुप्पी साधी है, लेकिन विदेश मंत्रालय जल्द बयान दे सकता है। अगर तनाव बढ़ा, तो अगले G20 में भारत-US व्यापार वार्ता प्रभावित हो सकती है। कमल हासन के एमकेएन पार्टी को इससे राजनीतिक फायदा मिल सकता है, खासकर तमिलनाडु चुनावों में लाभ मिल सकता है।
यह विवाद सिर्फ पत्र नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट का हिस्सा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल पर निर्भरता बढ़ाई, जो ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है। अमेरिका की छूट दबाव का नतीजा लगती है, लेकिन कमल का पत्र भारत की 'आत्मनिर्भर' नीति को मजबूत करता है। दक्षिण भारत, जहां तेल रिफाइनरियां हैं, इस मुद्दे से सीधे जुड़ा है। क्या यह ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' पॉलिसी का उलटा असर है? विशेषज्ञ कहते हैं, भारत अब BRICS के जरिए वैकल्पिक रास्ते तलाश कर रहा है।