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तृणमूल के कोलकाता कार्यालय के बंद कमरे में मिले सैंकड़ों आधार कार्ड, मामला सामने आने के बाद मची सनसनी

कोलकाता के टंगरा इलाके में बंद पडे तृणमूल कार्यालय से कई आधार कार्ड मिलने के बाद विवाद खडा हो गया है। पुलिस ने दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और स्थानीय लोग दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका जता रहे हैं।

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May 28, 2026
तृणमूल का कोलकाता ऑफिस (फोटो- आईएएनएस)

कोलकाता के टंगरा इलाके में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यालय से कई आधार कार्ड मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद और सवाल खडे हो गए हैं। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से यह कार्यालय बंद बताया जा रहा था। गुरुवार को इलाके के कुछ लोगों ने बंद पडे कार्यालय का ताला तोडकर अंदर प्रवेश किया, जहां एक अलमारी और कपबोर्ड के भीतर से कई आधार कार्ड बरामद हुए। घटना सामने आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह राजनीतिक कार्यालय में आधार कार्ड मिलना बेहद चिंताजनक है।

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चुनाव परिणाम आने के बाद से बंद कार्यालय

स्थानीय लोगों के अनुसार यह कार्यालय पूर्वी कुलिया रोड स्थित है और चुनाव परिणाम आने के बाद से यहां कोई नियमित गतिविधि नहीं देखी गई थी। जब लोगों ने दफ्तर के भीतर आधार कार्ड देखे तो वहां भीड जमा हो गई। कई लोगों ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड जारी तो हो गए थे, लेकिन अब तक घर नहीं पहुंचे। एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी का आधार कार्ड बनने के बावजूद उसे कभी प्राप्त नहीं हुआ। इससे लोगों के बीच यह आशंका गहरा गई कि दस्तावेज वितरण प्रक्रिया में कहीं गडबडी हुई है। हालांकि अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बरामद दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधार कार्ड वहां कैसे पहुंचे और कितने समय से रखे थे, इसकी जांच की जा रही है। अब तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कार्यालय बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और पहले इसका उपयोग तृणमूल नेता जिबन कुमार साहा से जुडी गतिविधियों के लिए किया जाता था। चुनाव समाप्त होने के बाद कार्यालय में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई थी।

फर्जी वोटर पहचान पत्र तैयार करने की आशंका

घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि इन आधार कार्डों का इस्तेमाल फर्जी वोटर पहचान पत्र तैयार करने में किया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने फिलहाल ऐसी किसी संभावना की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दस्तावेज असली लाभार्थियों तक क्यों नहीं पहुंचे और उन्हें राजनीतिक कार्यालय में क्यों रखा गया था। इस मामले ने आधार कार्ड वितरण प्रणाली और दस्तावेज सुरक्षा को लेकर भी नए सवाल खडे कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Published on:
28 May 2026 05:02 pm
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