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’50 प्रतिशत टैरिफ लगाया फिर भी…’, मोदी और ट्रंप को लेकर क्या बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा- अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त है।
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Sep 22, 2025
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पीएम मोदी के भाषणों की पुस्तकों का उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विमोचन किया (Photo-IANS)

उपराष्ट्रपति का पद ग्रहण करने के बाद सोमवार को सीपी राधाकृष्णन पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रंप की दोस्ती का हवाला दिया और अमेरिका द्वारा भारी भरकम टैरिफ लगाए जाने के बाद भी भारत-अमेरिका संबंधों के बेहतर होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कभी यह नहीं कहा कि वे पीएम मोदी के खिलाफ है।

‘ट्रंप बोल रहे मोदी मेरे अच्छे दोस्त’

उपराष्ट्रपति ने पीएम मोदी के चुनिंदा भाषणों पर आधारित चार पुस्तकों का विमोचन करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त है। उन्होंने यह कभी नहीं कहा- वे मोदी के खिलाफ है। 

पुतिन के अच्छे दोस्त है मोदी- उपराष्ट्रपति

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने आगे कहा- मोदी पुतिन और ट्रंप के अच्छे दोस्त है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मतभेद होने के बाद भी मोदी अच्छे दोस्त है। यही कारण है कि पीएम नरेंद्र मोदी असंभव को भी संभव बना सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर आपके दिल में बिना किसी अपेक्षा के मानवता की सेवा करने की इच्छा है, तो आपको रास्ता मिल ही जाएगा। 

पुस्तकों का किया विमोचन

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को पीएम मोदी के चुनिंदा भाषणों पर आधारित चार पुस्तकों का विमोचन किया। इन पुस्तकों में 2022-24 की अवधि में ‘सबका साथ-सबका विकास’ विषय पर पीएम नरेंद्र मोदी के कुछ भाषण है। 

उपसभापति भी थे मौजूद

कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी समस्या दूसरे देशों पर निर्भरता है। वहीं कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी प्रधानमंत्री पीएम की तारीफ की । उन्होंने कहा- भारत में जापान की पूरी आबादी से ज़्यादा शौचालय हैं; 80 करोड़ लोगों को बिना किसी रुकावट के राशन मिलता है; हम दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहे हैं।

Published on:
22 Sept 2025 05:20 pm