
Iran US talks: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म नहीं हुई है, बस थोड़ी देर के लिए रुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर बातचीत नाकाम हुई तो सेना फिर से जंग के मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि हम कूटनीति को एक और मौका देना चाहते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम ईरान के साथ बहुत गहरी बातचीत कर रहे हैं। अगर ये काम नहीं आई तो हम फिर से बहुत मजबूत सैन्य एक्शन पर लौटेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत के लिए ज्यादा समय नहीं है। या तो जल्दी हो जाए या फिर बिल्कुल नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी की बातचीच दोस्ताना माहौल में हो रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खाड़ी के मित्र देश ओमान, कतर और अन्य देशों ने गुजारिश की कि अभी कुछ दिन सैन्य कार्रवाई रोक दें। उन्होंने कहा कि जो लोग समझौते की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने अपील की कि हमला रोक दिया जाए। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि ईरान भी समझौते के लिए तैयार है। उन्होंने इस फैसले को “कुछ खोया नहीं, कुछ पाया नहीं” बताया। इस फैसले के बाद तेल की कीमतें घटी हैं और शेयर बाजार ऊपर चढ़े हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईरान के दक्षिणी तट और हॉर्मुज जलडमरू में हमले के प्लान रोक दिए जाएं।
यह बातचीत मुख्य रूप से ईरान और ओमान की अगुवाई में चल रही है। इसके साथ ही कतर, पाकिस्तान, मिस्र भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका की तरफ से खास दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर इस पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं। बातचीत का मकसद सिर्फ होरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना ही नहीं, बल्कि एक बड़े परमाणु समझौते की जमीन तैयार करना भी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका-ईरान युद्ध में अमेरिकी गोला-बारूद भंडार खाली हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को बड़े पैमाने पर सैन्य मदद देने के कारण हथियारों के भंडार में कमी आई थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका किसी भी भविष्य के संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने कहा कि नहीं, हमारे पास पैसा है। हमारे पास बहुत सारा गोला-बारूद है। अलग-अलग तरह का।