Sanatan remark row: तमिलनाडु में TVK विधायक VMS मुस्तफा के सनातन धर्म पर दिए बयान से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और TVK पर निशाना साधते हुए बयान की कड़ी आलोचना
Sanatan Dharma controversy: तमिलनाडु विधानसभा में DMK नेता उधयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी TVK के विधायक VMS मुस्तफा के बयान ने नया राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। मुस्तफा ने कथित तौर पर सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही, जिसके बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई भी दी और कहा कि उनकी पार्टी किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने मुस्तफा के बयान को धार्मिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा हिंदू धर्म और सनातन पर इस तरह की टिप्पणी करना गलत संदेश देता है। तिरुपति ने सवाल उठाया कि क्या मुस्तफा इसी तरह इस्लाम या ईसाई धर्म पर भी टिप्पणी करने का साहस करेंगे।
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली बातें कही जाएं। तिरुपति ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय ने न तो उदयनिधि स्टालिन के बयान की आलोचना की और न ही अपनी पार्टी के विधायक मुस्तफा की टिप्पणी पर कोई स्पष्ट रुख अपनाया। उनके मुताबिक, एक मुख्यमंत्री होने के नाते सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है।
विवाद बढ़ने के बाद VMS मुस्तफा ने सफाई देते हुए कहा कि TVK पेरियार ईवी रामासामी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की सामाजिक न्याय वाली विचारधारा को मानने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी धर्म के खिलाफ नहीं थी, बल्कि सामाजिक व्यवस्था को लेकर थी। बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी आस्था के खिलाफ नहीं है।
VMS मुस्तफा तमिलनाडु के मदुरै सेंट्रल सीट से चुने गए विधायक हैं। उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव में TVK के टिकट पर जीत दर्ज की थी। राजनीति में आने से पहले वह तमिलनाडु मुस्लिम लीग (TNML) के संस्थापक अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हाल के दिनों में सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयानों की वजह से वह लगातार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।