
Shiv Sena (UBT): शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के धाराशिव में आयोजित जनसभा में केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। हाल ही में पार्टी के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद सार्वजनिक मंच से बोलते हुए उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाले के आरोपों, 'ऑपरेशन टाइगर' और महाराष्ट्र में उद्योगों के पलायन जैसे मुद्दों को उठाया।
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' का उल्लेख करते हुए शिवसेना में हुई टूट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिवसेना को तोड़ने की कोशिश इसलिए की जा रही है ताकि महाराष्ट्र, शिवसेना और महाराष्ट्र धर्म को कमजोर किया जा सके।
उद्धव ठाकरे ने राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में महाराष्ट्र में कोई बड़ा उद्योग नहीं आया और अधिकांश निवेश गुजरात चला गया।
रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बनाई हुई शिवसेना का मूल्यांकन केवल सांसदों और विधायकों की संख्या के आधार पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान भी किया।
धाराशिव में पार्टी के बहु-जिला जनसंपर्क अभियान के तहत आयोजित रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'इन लोगों ने राम मंदिर में भी चोरी की है। अब राम मंदिर में भी लूट हो रही है।'
धाराशिव की यह रैली ऐसे समय में हुई है जब शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद, संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निम्बालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर—औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। इन सांसदों के जाने के बाद लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) की संख्या घटकर तीन सांसद रह गई है।