
Udhayanidhi Stalin Released: DMK नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को अभिनेत्री त्रिशा से जुड़ी कथित "दोहरे अर्थ वाली" टिप्पणी के मामले में हिरासत में लिया गया। मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की और फिर स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया।
इस दौरान DMK कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि सत्तारूढ़ TVK सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन से बाहर निकले, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में उदयनिधि स्टालिन से करीब 90 मिनट तक पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। मद्रास हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था कि पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि को रिहा कर दिया जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि जब भी जांच एजेंसियों को आवश्यकता हो, उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उदयनिधि चेन्नई से लाई गई पुलिस गाड़ी से उतरे और अंदर जाने से पहले बाहर मौजूद समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
पूछताछ के दौरान बड़ी संख्या में DMK कार्यकर्ता सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा रहे और उदयनिधि स्टालिन के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। शुरुआत में उदयनिधि को पुलिस सुरक्षा के बीच सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन लाया गया। कुछ देर बाद वह पुलिस वाहन से उतरकर पूछताछ के लिए थाने के भीतर गए। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी पुलिस स्टेशन पहुंच गए।
पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि को रिहा कर दिया गया। इससे पहले दिन में मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया था कि पूछताछ समाप्त होने के बाद उन्हें रिहा किया जाए और भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर वे जांच में सहयोग करें।
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की महिला विंग ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी कथित टिप्पणियों से अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन और महिलाओं का अपमान हुआ है।
हालांकि, उदयनिधि स्टालिन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए ले जाए जाने से पहले उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया था और इस मामले का फैसला अदालत करेगी।