UGC New Rule: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया ड्राफ्ट गाइडलाइंस ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया है। इन गाइडलाइंस में उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती के लिए SC, ST और OBC कैटेगरी की रिजर्व पोस्ट्स को ‘डी-रिजर्व’ करने का प्रावधान है, अगर योग्य उम्मीदवार न मिलें। विपक्षी पार्टियां इसे आरक्षण खत्म […]
UGC New Rule: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया ड्राफ्ट गाइडलाइंस ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया है। इन गाइडलाइंस में उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती के लिए SC, ST और OBC कैटेगरी की रिजर्व पोस्ट्स को 'डी-रिजर्व' करने का प्रावधान है, अगर योग्य उम्मीदवार न मिलें। विपक्षी पार्टियां इसे आरक्षण खत्म करने की 'साजिश' बता रही हैं, जबकि सरकार और UGC ने स्पष्ट किया है कि कोई डी-रिजर्वेशन नहीं होगा। इस मुद्दे पर छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए हैं, और सोशल मीडिया पर #SaveReservation ट्रेंड कर रहा है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के नए नियमों पर रोक लग गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूजीसी की नई गाइडलाइन्स पर तत्काल रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की है।
UGC ने 'भारत सरकार की आरक्षण नीति के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश' नाम से ड्राफ्ट जारी किया था, जो 28 जनवरी 2024 को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इसमें कहा गया कि अगर SC/ST/OBC कैटेगरी में पर्याप्त योग्य उम्मीदवार न मिलें, तो वैकेंसी को अनरिजर्व्ड घोषित किया जा सकता है। यह प्रावधान सेंट्रल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (रिजर्वेशन इन टीचर्स कैडर) एक्ट, 2019 से जुड़ा है। गाइडलाइंस का मकसद भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाना था, लेकिन इसमें 'डी-रिजर्वेशन' का जिक्र विवादास्पद साबित हुआ। UGC ने स्टेकहोल्डर्स से 28 फरवरी तक फीडबैक मांगा था, लेकिन बैकलैश के बाद इसे वेबसाइट से हटा लिया।
कांग्रेस ने इसे SC/ST/OBC आरक्षण पर 'हमला' बताया और मोदी सरकार पर 'प्रतीकवाद की राजनीति' का आरोप लगाया। JNU स्टूडेंट्स यूनियन, SFI और AISA जैसे वामपंथी छात्र संगठनों ने UGC मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, दावा किया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। सोशल मीडिया पर हजारों पोस्ट्स में कहा गया कि इससे आरक्षण 'खत्म' हो जाएगा, खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में जहां योग्य कैंडिडेट्स की कमी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'एक भी रिजर्व पोस्ट डी-रिजर्व नहीं होगी' और 2019 के एक्ट के बाद ऐसी कोई गुंजाइश नहीं है। UGC चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने भी पुष्टि की कि अतीत में कोई डी-रिजर्वेशन नहीं हुआ और भविष्य में भी नहीं होगा। मंत्रालय ने कहा कि ड्राफ्ट सिर्फ सुझाव है, और फाइनल गाइडलाइंस में बदलाव संभव हैं। UGC ने गाइडलाइंस को वेबसाइट से हटाया, क्योंकि फीडबैक पीरियड खत्म हो गया।
देशभर में छात्रों ने मार्च निकाले और राजनीतिक पार्टियां इसे चुनावी मुद्दा बना रही हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि UGC को गाइडलाइंस में स्पष्टता लानी चाहिए ताकि गलतफहमी न फैले। क्या आरक्षण खत्म होगा? फिलहाल नहीं, लेकिन विवाद ने आरक्षण नीति पर बहस छेड़ दी है।