यूजीसी के नए नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो मैंने कहा था वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है।
UGC Rules 2026: यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए रोक लगा दी। दरअसल, इन नियमों को लेकर जनरल कैटेगरी के लोगों द्वारा देशभर में विरोध किया जा रहा था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने फैसला सुनाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं SC के फैसले के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया सामने आई है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा- UGC पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी, मैं पिछले दो दिनों से संसद जा रहा हूं। इस मुद्दे पर किसी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने चर्चा करना तक मुनासिब नहीं समझा।
उन्होंने आगे लिखा कि उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली, उसी को गाली दी जाने लगी। मैं दोबारा आपसे करबद्ध निवेदन करता हूं कि पीएम मोदी पर भरोसा रखिए, संविधान की धारा 14 एवं 15 के तहत ही देश के कानून चलेंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी वही कहा है जो मैंने कहा।
बता दें कि यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मृत्युंजय तिवारी, अधिवक्ता विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ये नियम अनुचित थे और उनमें पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव था, जिससे संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंताएं बढ़ गईं।
वहीं एक याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा, "आज सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक UGC रेगुलेशन 2012 लागू रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार और सारे पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।"
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाए जाने पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी छात्र के साथ जाति के आधार पर भेदभाव न हो, इस मुद्दे पर फिर से चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है।