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हाईकोर्ट से तीसरी बार जमानत खारिज, उमर खालिद और शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Umar Khalid: 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दोनों ने 30 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से तीसरी बार जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को अलग-अलग चुनौती दी है।
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Updated: 5 Nov 2026, 6:17 PM IST
Delhi Riots Conspiracy Case News
उमर खालिद और शरजील इमाम (फोटो-IANS)

उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में अपनी जमानत के लिए अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले जमानत याचिकाओं को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर कर दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है। जिसमें 30 सितंबर को तीसरी बार उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की थी जमानत?

उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली हाई कोर्ट में कड़कड़डूमा कोर्ट के 4 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। इससे पहले निचली अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पहले वाले आदेश का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या शर्त रखी थी?

इससे पहले जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को नियमित जमानत देने से मना कर दिया था। हालांकि, अदालत ने दोबारा जमानत मांगने का रास्ता खुला रखा था। आदेश के मुताबिक, मामले के सुरक्षित और गोपनीय गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद या आदेश के एक साल पूरे होने पर, यदि ट्रायल में देरी होती है तो दोनों निचली अदालत में फिर से जमानत की अर्जी लगा सकते हैं। इसी आदेश को आधार बनाकर ट्रायल कोर्ट ने उनकी तीसरी जमानत याचिका खारिज की थी।

दिल्ली पुलिस ने जमानत का किया विरोध

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को जमानत देने का विरोध किया था। पुलिस ने अपनी दलील में उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली दंगों की साजिश का मास्टरमाइंड और कमांड अथॉरिटी बताया। पुलिस के मुताबिक, इस समय उनकी जमानत याचिकाएं दाखिल करना जल्दबाजी है और कानूनी आधार पर भी उचित नहीं है।

दिल्ली दंगों में 53 लोगों की गई थी जान

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में भड़के दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ये हिंसा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ी साजिश के मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कुछ आरोपियों को बाद में जमानत मिल चुकी है। उमर खालिद और शरजील इमाम पर दंगों की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं।

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5 Nov 2026, 6:17 PM IST
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