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ममता-लेफ्ट की नजदीकी पर सुकांत मजूमदार का बड़ा हमला, बोले- पर्दे के पीछे वर्षों से ‘हाथ में हाथ’

Bengal Politics: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी और लेफ्ट पार्टियों के बीच कथित नजदीकियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों के बीच पर्दे के पीछे लंबे समय से समझ बनी हुई है। TMC नेता कुणाल घोष को लेकर हो रहे हमलों को उन्होंने अंदरूनी राजनीतिक खींचतान बताया।
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Sep 27, 2026
Sukanta Majumdar
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Photo-IANS)

Bengal Politics: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी और लेफ्ट पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग सकता है कि वे अभी-अभी एक-दूसरे के साथ हाथ मिला रहे हैं। वे पहली बार खुले तौर पर कैमरों के सामने हाथ मिला रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे वे लंबे समय से एक-दूसरे के साथ मिले हुए हैं। बस यह दिखाई नहीं देता। केंद्रीय मंत्री ने यह बयान ममता बनर्जी द्वारा सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी को फोन किए जाने के सवाल पर कही है।

कुणाल घोष को लेकर भी दी प्रतिक्रिया

इस दौरान उन्होंने टीएमसी नेता कुणाल घोष पर हुए हमले को लेकर भी बयान दिया। केंद्रीय मंत्री मजूमदार ने कहा कि इसके दो संभावित कारण हो सकते हैं। पहली बात, अभी जो ताजा जानकारी मिली है, उसके आधार पर ‘दूसरे घर’ के लोग उन्हीं पर हमला कर रहे हैं। जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इन लोगों पर कार्रवाई की थी और अब वे भी उनके साथ वैसा ही कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का है कि कौन किस पर शिकंजा कसता है; यह एक तरह का अंदरूनी झगड़ा है, बिल्कुल पति-पत्नी के विवाद जैसा। हम इसमें क्या कर सकते हैं? हम तो बाहरी लोग हैं।

ममता ने सीपीआई (एम) ने से की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी से शुक्रवार को फोन पर बात की थी। दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग, एसआईआर और विपक्षी दलों की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।

राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने क्या कहा? 

वहीं इस मामले में राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि ममता बनर्जी CPI(M) से बात नहीं करतीं? बंगाल में CPI(M), TMC की ‘बी-टीम’ की तरह काम करती है। 

उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां आपसी मिलीभगत से सब कुछ करती हैं। बंगाल में TMC बिखर चुकी है और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ बन गई है। खुद को बचाने के लिए ममता बनर्जी ने CPI (M) से हाथ मिला लिया है। यह पूरी कवायद उनके अपने अस्तित्व को बचाने के लिए है।

Updated on:
27 Sept 2026 03:49 pm
Published on:
27 Sept 2026 03:15 pm